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Bareilly News: उत्तर प्रदेश के बरेली में माहौल खराब न हो, इसके लिए इंतजामिया हर जरूरी कदम उठा रहा है. आज जुमा के मद्देनजर पुलिस और सिक्योरिटी एजेंसी अलर्ट मोड पर है. रिपोर्ट्स के मुताबिक चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल की तैनाती की गई है. इसके साथ ही इंटरनेट सर्विस भी बंद कर दी गई है.
बरेली में किसी तरह की कोई भी घटना को टाला जा सके, इसके लिए 8500, पुलिस, पीएसी और आरआरएफ जवानों की तैनाती की गई है. उलेमा ने लोगों से अपील की है कि सभी लोग जुमा की नमाज़ शांति से अदा करें और किसी भी तरह के प्रदर्शन में शामिल न हों.
भारी सिक्योरिटी फोर्स के साथ बरेली को अलग-अलग ज़ोन में बांट दिया गया है. ताकि बेहतर निगरानी और कॉर्डिनेश हो सके. इलाके में निगरानी रखने के लिए ड्रोन का इस्तेमाल किया जा रहा है. लोगों को वॉर्निंग दी गई है कि वह किसी भी प्रदर्शन का हिस्सा न बनें. घरों से पत्थर हटा लें, अगर किसी के घर पर पत्थर मिलते हैं तो उसके खिलाफ कानून कार्रवाई की जाएगी.
डीआईजी साहनी ने कहा, "स्थिति पूरी तरह सामान्य है. पुलिस रूट मार्च और पैदल गश्त कर रही है. हम सभी पक्षों से बात कर रहे हैं. त्योहारों के मद्देनजर, सीआरपीएफ और जिला बलों के साथ-साथ प्रांतीय सशस्त्र बल (पीएसी) की 10 कंपनियां यहां तैनात हैं. हम जनता से शांतिपूर्ण तरीके से त्योहार मनाने की अपील करते हैं."
बरेली में पिछले जुमा यानी 26 सितंबर को हिंसा भड़की थी. इस दौरान कई जगहों पर तोड़फोड़ और पुलिस के साथ झड़प के मामले भी सामने आए थे. पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए 81 लोगों को गिरफ्तार किया है, जिसमें इत्तेहाद-ए-मिल्लत काउंसिल (IMC) के चीफ मौलाना तौकीर रज़ा भी शामिल हैं. आरोप है कि मौलाना तौकीर ने लोगों को भड़काया और प्रोटेस्ट की प्लानिंग की थी.
आई लव मुहम्मद प्रोटेस्ट
दरअसल, कानपुर में 21 लोगों के खिलाफ आई लव मुहम्मद लिखने के मामले में एफआईआर दर्ज की गई थी. जिसके बाद 'आई लव मुहम्मद' प्रोटेस्ट की शुरुआत हुई. देश के अलग-अलग हिस्सों में लोगों ने हाथों में आई लव मुहम्मद' लिखे बैनर लेकर प्रोटेस्ट किया था. हालांकि, कई जगहों पर इस प्रोटेस्ट के दौरान उपद्रव भी हुआ.