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Bareilly News Today: बरेली में बीते माह 26 सितंबर को 'I Love Muhammad' के समर्थन में निकाले गए जुलूस के दौरान हिंसा भड़क गई थी. इस दौरान पुलिस ने जुलूस में शामिल लोगों पर खूब लाठियां चलाई थीं. बाद में पुलिस ने मौलाना तौकीर रजा को बवाल कराने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया. इसके बाद उनके करीबीयों पर भी पुलिस ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया.
अब पुलिस ने मौलाना तौकीर रजा खान के करीबी डॉ. नफीस के खिलाफ कोतवाली थाने में एक और मुकदमा दर्ज किया है. इस मुकदमे में डॉ. नफीस की बीवी फरहत बेगम भी आरोपी हैं. यह कार्रवाई मोहल्ला 414 साहूकारा, निकट राजो वाली मस्जिद के मूल निवासी और पीरबहोड़ा में रहने वाले मोहम्मद कमर अख्तर के प्रार्थना पत्र पर की गई है. मामला वक्फ संपत्ति के फर्जी गिफ्ट डीड बनवाने और उस पर काबिज होने से जुड़ा है.
गौरतलब हो कि बरेली शहर में 26 सितंबर को हुई घटना को लेकर मौलाना तौकीर रजा और उनकी पार्टी के महासचिव व प्रवक्ता डॉ. नफीस सहित अन्य आरोपी जेल में बंद हैं. इस मामले में शिकायतकर्ता मोहम्मद कमर अख्तर ने एसएसपी को प्रार्थना पत्र दिया था. कमर ने एसएसपी को बताया कि उसकी दादी नन्हों कुजडी का बमनपुरी स्थित वक्फ संख्या 26-ए में करीब 95 वर्ग गज का मकान बना हुआ था. उसके नीचे पांच दुकान बनी हुई थी.
मोहम्मद कमर अख्तर के मुताबिक, वक्फी की एक दुकान में उसकी दूर के रिश्ते की दादी सब्जी की दुकान चलाकर जिंदगी गुजारती थी. उनके दादा साबिर हुसैन की सब्जी की दुकान कुतुबखाना सब्जी मंडी में थी. इस वजह से नन्हों का उनके दादा की दुकान पर आना-जाना था. नन्हों ने उनके दादा साबिर हुसैन को अपना मुंहबोला भाई मान लिया था. नन्हों ने अपनी मौत से पहले वक्फ संख्या 26-ए वाली संपत्ति उनके दादा साबिर हुसैन और उनके तीन बेटों साकिर हुसैन, जाकिर हुसैन और नासिर हुसैन के नाम वसीयत कर दी थी.
मोहम्मद कमर अख्तर ने कहा कि उसके वालिद साकिर हुसैन का कंघी टोला निवासी डॉ. नफीस की कुतुबखाना स्थित चश्मे की दुकान पर आना-जाना था. डॉ. नफीस ने उसके वालिद को अपने विश्वास में लेकर वक्फ संख्या 26-ए वाली संपत्ति को साल 1996 में 30 साल के लिए अपनी बीवी फरहत बेगम के नाम लीज पर लिया था. साल 2022 में उसके वालिद की मौत होने पर डॉ. नफीस और उसकी बीवी फरहत बेगम ने धोखाधड़ी कर फर्जी कागजात तैयार करा कर वक्फ संख्या 26-ए पर कब्जा जमा लिया. इतना ही नहीं उन लोगों ने संपत्ति का अपने दोनों बेटों मोहम्मद नौमान खान और मोहम्मद फरहान खान के नाम गिफ्ट डीड बनवा लिया.
शिकायतकर्ता मोहम्मद कमर अख्तर ने दावा किया कि वक्फ की इस संपत्ति पर डॉ नफीस और उसके परिवार के लोग अभी भी कब्जा जमाए हुए हैं. मोहम्मद कमर अख्तर ने मांग की है कि वक्फ संख्या 26-ए की संपत्ति उन्हें वापस दिलाई जाए. साथ ही दोषियों पर कानूनी कार्रवाई की जाए. इस संबंध में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है. डॉ. नफीस पहले से ही जेल में बंद है.