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Bareilly News: बरेली में शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारी पुलिस बल की तैनाती की गई है और ड्रोन से लगातार निगरानी की जा रही है. यह कदम उस समय उठाया गया जब इत्तेहाद-ए-मिल्लत काउंसिल (IMC) के राष्ट्रीय महासचिव डॉ. नफीस खान की संपत्ति पर बुलडोज़र कार्रवाई की गई है.
डॉ. नफीस खान मौलाना तौकीर रज़ा के करीबी माने जाते हैं. तौकीर रज़ा को इससे पहले पत्थरबाज़ी के मामले में मुख्य साज़िशकर्ता के रूप में गिरफ्तार किया गया था और वे फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं. शनिवार को बरेली विकास प्राधिकरण (BDA) ने डॉ. नफीस की संपत्ति पर बुलडोज़र चलाया था.
यह कार्रवाई 26 सितंबर को 'आई लव मोहम्मद' पोस्टर लेकर हुए प्रदर्शन के बाद की गई हिंसा के मामले में की गई थी. यह प्रदर्शन इत्तेहाद-ए-मिल्लत काउंसिल (IMC) प्रमुख मौलाना तौकीर रज़ा खान के घर और आला हज़रत दरगाह के बाहर हुआ था.
26 सितंबर को जुमे की नमाज़ के बाद बड़ी संख्या में लोग "आई लव मोहम्मद" के पोस्टर लेकर जमा हुए थे. प्रदर्शन के दौरान स्थिति बिगड़ गई और पत्थरबाज़ी शुरू हो गई. इसके बाद पुलिस को कार्रवाई करनी पड़ी.
अब तक इस मामले में 83 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें IMC के राष्ट्रीय महासचिव डॉ. नफीस खान और उनके बेटे फ़रमान खान भी शामिल हैं. हिंसा के बाद प्रशासन ने 2 अक्टूबर दोपहर 3 बजे से 4 अक्टूबर दोपहर 3 बजे तक मोबाइल इंटरनेट और ब्रॉडबैंड सेवाएं बंद रखी गई हैं. शांति बहाल करने के लिए पुलिस अधिकारियों ने फ्लैग मार्च भी निलाया गया.
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हिंसा में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है. प्रशासन ने बवाल के जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई करते हुए मौलाना तौकीर रज़ा के सहयोगियों की अवैध संपत्तियों पर बुलडोज़र चलाया है.
घटना की जांच के लिए एक 13 सदस्यीय विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया गया है, जिसकी अगुवाई एक पुलिस अधीक्षक (SP) रैंक के अधिकारी कर रहे हैं. अब तक पांच थानों में दर्ज एफआईआर में 2,000 से अधिक अज्ञात लोगों के नाम शामिल किए गए हैं.