Waqf Amendment Bill on Suresh Mhatre: वक्फ संशोधन विधेयक संसद के दोनों सदनों से पारित होने के बाद इसे राष्ट्रपति की भी मंजूरी मिल गई है. हालांकि इस बिल को लेकर देशभर में मुसलमानों के साथ कई संगठन लगातार विरोध कर रहे हैं. भारी विरोध के बाद एनसीपी-एसपी सांसद सुरेश म्हात्रे ने सदन में वोटिंग को लेकर बड़ा खुलासा किया है.
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Maharashtra Politics: संसद के दोनों सदनों से वक्फ संशोधन विधेयक पास होने के बाद इस राष्ट्रपति की तरफ से मंजूरी मिल गई. वक्फ संशोधन विधेयक पास होने के बाद देश में सियासी उहापोह की स्थिति बनी है. राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के भिवंडी से लोकसभा सदस्य सुरेश म्हात्रे ने रविवार (6 अप्रैल) को दोनों सदनों से बिल पास होने पर सफाई दी.
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के सांसद सुरेश म्हात्रे ने पार्टी की तरफ से सफाई देते हुए कहा कि अस्वस्थ होने के कारण वह संसद में वक्फ संशोधन विधेयक पर हुए मतविभाजन के वक्त अनुपस्थित थे. सांसद सुरेश म्हात्रे को यहां बाल्या मामा के नाम से भी जाना जाता है. वक्फ संशोधन विधेयक के खिलाफ भिवंडी में भारी विरोध प्रदर्शनों के बीच वह सदन में अनुपस्थित रहे थे.
सांसद म्हात्रे ने दी ये सफाई
कल यानी शनिवार (5 अप्रैल) की देर रात को भी बड़े पैमाने पर वक्फ बिल के खिलाफ प्रदर्शन हुआ था. भिवंडी से लोकसभा सदस्य सुरेश म्हात्रे ने मीडिया से कहा, "मैं अस्वस्थ था और सत्र के दौरान अस्पताल में भर्ती था. मुझे उम्मीद नहीं थी कि विधेयक लोकसभा में पेश किया जाएगा. यह अप्रत्याशित रूप से हुआ. " उन्होंने कहा, "दुर्भाग्य से मैं सत्र से एक दिन पहले बीमार पड़ गया और अस्पताल में भर्ती हुआ. "
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के सांसद म्हात्रे ने कहा, "मैं जानबूझकर सत्र से अनुपस्थित नहीं हुआ था." वक्फ संसोधन विधेयक के लिए गठित बीजेपी सांसद जगदंबिका पाल की अगुवाई संयुक्त संसदीय समिति (JPC) के सुरेश म्हात्रे सदस्य थे. सुरेश म्हात्रे की गैर- मौजूदगी में भी राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) गुट ने वक्फ संशोधन विधेयक पुरजोर विरोध किया था.
राष्ट्रपति ने दी मंजूरी
बता दें, 2 अप्रैल को लोकसभा में और 3 अप्रैल को राज्यसभा में 12-12 घंटे तक चली सदन की मैराथन बैठक आरोप-प्रत्यारोप और भारी विरोध के बीच वक्फ संसोधन विधेयक पारित हो गया. लोकसभा में इस बिल के पक्ष में 288 और विरोध में 232 वोट पड़े. इसी तरह राज्यसभा में 3 अप्रैल को हुई बैठक में बिल के पक्ष में 128 वोट पड़े और विरोध में 95 वोट पड़े थे. कल देर शाम को राष्ट्रपति द्रौपती मुर्मू ने बिल को मंजूरी दे दी.
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