)
Bhopal News: सोचिए अगर आपको किसी के रोज़गार करने से आपत्ति है, तो आप क्या करेंगे? एक सभ्य आदमी पुलिस में जाकर शिकायत दर्ज करेगा या फिर कोर्ट का दरवाज़ा खटखटाएगा, न कि अपने हाथों में कानून लेते हुए जबरन उसे खुद बंद कराने में आमादा हो जाएगा. कुछ ऐसा ही काम भोपाल में हिंदू संगठन कर रहे हैं, जिन्हें इतनी खुली छूट मिली हुई है कि वह अलग-अलग जगहों पर जाकर मुस्लिम मूर्तिकारों की पहचान कर रहे हैं और उन्हें काम छोड़ने के लिए धमकी दे रहे हैं.
खास बात यह है कि उन्हें ऐसा करने से रोकने वाला कोई नहीं है. संस्कृति बचाने के नाम पर चलते आ रहे इस नफरती काम पर किसी तरह की रोक नहीं लगाई जा रही है. हाल ही में हिंदू उत्सव समिति के लोग एक कारखाने में पहुंचे और लोगों को धर्म पूछते नजर आए. यानी अगर आप हिंदू नहीं है तो भगवान की प्रतिमा को नहीं बना सकते हैं. यह उसी देश में हो रहा है, जहां के संविधान के अध्याय तीन में मौलिक अधिकारों में किसी को भी कोई काम या पेशा अख्तियार करने की आज़ादी का पाठ पढ़ाया जाता है.
अकसर आपने एनआईए, पुलिस और दूसरी सिक्योरिटी एजेंसियों को चेकिंग अभियान या छापे मारते सुना होगा. लेकिन, बीते कुछ सालों में हिंदू संगठन के लोग भी छापे मारने लगे हैं. खुद को संस्कृति का तथाकथित रक्षक बताने वाले कुछ संगठन अकसर हिंदू और मुस्लिम देखकर कार्रवाई करते दिख जाते हैं. हिंदू उत्सव समिति ने भी मूर्तिकारों का धर्म जांचने के लिए भोपाल के परमार भवन और साकेत नगर में अलग-अलग जगहों पर चेकिंग अभियान चलाया.
इस मंच का कहना है कि कोई भी गैर हिंदू कारीगर अगर प्रतिमा बनाता है, तो वह कतई बर्दाश्त नहीं करेंगे. ऐसे संगठनों की मानसिकता को साफ समझा जा सकता है. ये केवल एक धर्म को लेकर अकसर कार्रवाई करते दिखते हैं और अपने इस बयान में उन्होंने इस बात को साबित भी कर दिया. हिंदू उत्सव समिति के सदस्यों ने दो टूक कहा मुस्लिम मूर्तिकार दुर्गा प्रतिमा नहीं बनाएंगे. बहरहाल प्रशासन ऐसे एक्शन्स पर अभी भी मूक बना हुआ है.