Bhopal News: मध्य प्रदेश पुलिस में ट्रेनिंग हासिल कर रहे कांस्टेबल्स से भगवत गीता के श्लोक पढ़वाए जा रहे हैं. एक वीडियो वायरल हो ने के बाद इसको लेकर काफी विरोध बढ़ गया है. पूरी खबर पढ़ने के लिए स्क्रॉल करें.
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Bhopal News: मध्य प्रदेश पुलिस में ट्रेनिंग हासिल कर रहे नवनियुक्त कांस्टेबलों को हर शाम भगवद गीता के श्लोक सुनाने का निर्देश दिया गया है, जिससे राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है. विपक्षी कांग्रेस ने सरकार पर पुलिस बल को धार्मिक रंग देने की कोशिश करने का आरोप लगाया है.
राज्य के आठ प्रशिक्षण केंद्रों में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे लगभग 4,000 नवनियुक्त कांस्टेबलों को हिंदू माह मार्गशीर्ष के दौरान हर शाम भगवद गीता के श्लोक सुनाने का निर्देश दिया गया है. एक वीडियो में, ट्रेनी नीली वर्दी में एक साथ श्लोक सुनाते हुए दिखाई दे रहे हैं.
अतिरिक्त पुलिस निदेशक, राजा बाबूसिंह ने कहा कि इस पहल का मकसद पुलिसकर्मियों को अनुशासित और संतुलित जीवन जीने के लिए प्रोत्साहित करना है. उनके अनुसार, भगवद गीता के श्लोकों का पाठ करने से पुलिसकर्मियों को मानसिक और भावनात्मक संतुलन बनाए रखने में मदद मिलेगी. उन्होंने कहा कि यह परंपरा हिंदू माह मार्गशीर्ष की शुरुआत में शुरू की गई है, जिसे धार्मिक ग्रंथों में भगवान कृष्ण का महीना कहा जाता है.
सभी ट्रेनिंग सेंटर्स के प्रभारी पुलिस अधीक्षकों को निर्देश दिया गया है कि वे छात्रों को इस महीने हर रोज ध्यान से पहले गीता का एक अध्याय पढ़ने के लिए प्रोत्साहित करें. कांग्रेस ने इस फैसले की आलोचना करते हुए कहा कि पुलिस बल को धार्मिक दिशा में ले जाना संविधान की भावना के खिलाफ हैं. कांग्रेस प्रवक्ता भूपेंद्र गुप्ता ने कहा कि भारत में सभी को धार्मिक स्वतंत्रता है, इसलिए सरकारी संस्थानों में इस तरह की धार्मिक गतिविधियां उचित नहीं हैं.
गौरतलब है कि चार महीने पहले, पुलिस प्रशिक्षुओं को रामचरित मानस की चौपाइयों का पाठ भी करवाया गया था. इसको लेकर सवाल उठा तो कहा गया कि इसका उद्देश्य अनुशासन और नैतिक मूल्यों का संचार करना है.