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Bihar Assembly Election 2025 Result: बिहार में बीते कई महीनों से जारी सियासी जद्दोजहद पर आज ब्रेक लग जाएगा. बिहार की सभी 243 विधासनभा सीटों पर अब महज कुछ देर में नजीते आने शुरू हो जायेंगे. बीते 6 और 11 अक्टूबर दो चरणों में चुनाव संपन्न हुए. पहले चरण में 121 विधानसभा सीटों पर हुए चुनाव में 1,314 और दूसरे चरण में 122 सीटों 1,302 उम्मीदवार किस्मत आजमा रहे हैं.
विधानसभा चुनाव में बिहार की सीटों से मुस्लिम प्रत्याशी मैदान सियासी किस्मत आजमा रहे हैं. बिहार विधानसभा चुनाव में इस बार सभी प्रमुख पार्टियों ने बड़ी संख्या में मुस्लिम उम्मीदवार उतारे हैं.इस बार ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM), आरजेडी, कांग्रेस, जेडीयू, सीपीआईएम (एमएल), राष्ट्रीय लोक जनशक्ति पार्टी रामविलास ने कई सीटों पर मुस्लिम प्रत्याशी को उतारा है. जिन पर पूरे देश की निगाहें टिकी हैं, खासकर रघुनाथपुरा सीट से ओसामा शहाब पर. ओसामा शहाब के खिलाफ एनडीए की तरफ से केंद्रीय मंत्री अमित शाह समेत कई दिग्गज नेता प्रचार प्रसार करने पहुचें. आइये जानते हैं प्रमुख पार्टियों के मुस्लिम उम्मीदवारों की लिस्ट, जिनपर टिकी हैं सभी की निगाहें.
RJD के मुस्लिम उम्मीदवार
RJD ने इस बार कई महत्वपूर्ण सीटों पर मुस्लिम चेहरों पर भरोसा जताया है. जिनमें अब्दुस सुब्हान (बैसी), डॉ. फराज फातमी (कोड़ेया या केवती), यूसुफ सलाउद्दीन (सिमरी बख्तियारपुर), इसराइल मंसूरी (कांति), ओसामा शहाब (रघुनाथपुर), अनवारुल हक अंसारी (गोरियाकोठी) जैसे नाम प्रमुख हैं.
इसके अलावा अख्तरुल इस्लाम शाहीन (समस्तीपुर), डॉ. शमीम अहमद (नरकटिया), फैसल रहमान (ढाका), सैयद अबू दोजाना (सुरसंड), आसिफ़ अहमद (बिस्फी), शहनवाज़ आलम (जोकिहाट), सऊद आलम (ठाकुरगंज), मुजाहिद आलम (कोचाधामन), इश्रत परवीन (प्राणपुर), शेख ज़ियाउल हसन (नाथनगर), डॉ. गुलाम शाहिद (रफीगंज) और शमशाद आलम (जमुई) भी मैदान में हैं.
कांग्रेस के मुस्लिम उम्मीदवार
इंडियन नेशनल कांग्रेस (INC) ने भी कई सीटों पर मुस्लिम नेताओं पर भरोसा जताया है. इसके तहत वासी अहमद (बेतिया), मिन्नत रहमानी (सुपौल), अविदुर रहमान (अररिया), मसवार आलम (बहादुरगंज), कमरुल होदा (किशनगंज), अब्दुल जलील मस्तान (आमौर), इरफ़ान आलम (कसबा), शकील अहमद खान (कदवा), तौकीर आलम (बरारी) के नाम शामिल हैं. कांग्रेस समर्थित सहयोगी सीटों पर उमैर खान (बिहार शरीफ – CPI) और कुछ जगहों पर जेडीयू व एलजेपी के भी मुस्लिम उम्मीदवार मैदान में हैं.
जेडीयू के मुस्लिम उम्मीदवार
नीतीश कुमार की पार्टी जनता दल यूनाइटेड (JDU) ने भी मुस्लिम चेहरों को टिकट दिया है. बिहार में मुस्लिम वोट बैंक को निर्णायक भूमिका में है. यही वजह है कि JDU ने मुस्लिम वोट बैंक को साधने के लिए मोहम्मद जमां खान (चैनपुर), मंजर आलम (जोकिहाट), शगुफ्ता अजीम (अररिया) और सबा जफर (आमौर) को टिकट दिया है. JDU और उसके घटक दलों को इन मुस्लिम उम्मीदवारों से काफी उम्मीदें बंधी हैं.
सीपीआई(एमएल) के मुस्लिम उम्मीदवार
महागठबंधन में शामिल सीपीआई(एमएल) ने उम्मीदों के मुताबिक कई सीटों पर मुस्लिम चेहरों को मैदान में उतारा है. इसी कड़ी में सीपीआई(एमएल) ने महबूब आलम (बलरामपुर) और कयामुद्दीन अंसार (आरा) को टिकट दिया है, जो अपने-अपने क्षेत्रों में मजबूत संगठनात्मक पकड़ रखते हैं.
लोक जनशक्ति पार्टी (राम विलास) के उम्मीदवार
बिहार की सियासत में लोक जनशक्ति पार्टी का सियासी कद बड़ा माना जा रहा है. लोक जनशक्ति पार्टी (राम विलास) ने भी मुस्लिम वोट बैंक को साधने के लिए कई अल्पसंख्यक उम्मीदवारों को सियासी चेहरा बनाया है. इसके तहत लोक जनशक्ति पार्टी (राम विलास) ने चिरैया से शेख सलाउद्दीन खान और महुआ से शम्सुज्जमा को मैदान में उतारा है.
AIMIM के सबसे ज्यादा मुस्लिम उम्मीदवार
असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM ने इस बार सबसे ज्यादा मुस्लिम उम्मीदवार उतारे हैं. AIMIM ने अमौर से अख्तरुल इमान, बलरामपुर से आदिल हसन, नरकटिया से शमीमुल हक, गोपालगंज से अनस सलाम, जोकीहाट से मुरशिद आलम, बहादुरगंज से तौसीफ आलम, ठाकुरगंज से गुलाम हसनैन, किशनगंज से एडवोकेट शम्स आगाज, बैसी से गुलाम सरवर, शेरघाटी से शान-ए-अली खान समेत कई अन्य नाम शामिल हैं.
इसी तरह AIMIM ने बिहार की नाथनगर, सीवान, केवटी, जाले, मुंगेर, नवादा, मधुबनी, दरभंगा ग्रामीण, गोराबोराम, कसबा, अररिया, बरारी और कोचाधामन जैसी सीटों पर भी मुस्लिम चेहरों को उतारा है. कुल मिलाकर बिहार चुनाव में मुस्लिम मतदाताओं वाले इलाकों में सभी दलों ने पूरी ताकत झोंक दी है. कई सीटों पर मुस्लिम उम्मीदवारों के बीच सीधा मुकाबला देखने को मिलेगा.