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Bihar Assembly Election 2025: बिहार विधानसभा चुनाव में जारी रस्साकशी के बीच ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) भी पुरजोर कोशिश कर रही है. साल 2020 में AIMIM ने पांच विधानसभा सीटों पर जीत हासिल की थी, लेकिन चार विधायकों ने पार्टी छोड़कर राष्ट्रीय जनता दल (RJD) का दामन थाम लिया था. पिछले प्रदर्शन को दोहराने के लिए AIMIM लगातार जमीनी स्तर पर वोट बैंक को साधने में जुटी है.
प्रदेश के मुंगेर में सियासी बिसात बिछ चुकी है. यहां अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराने के लिए AIMIM सारे पैंतरे आजमा रही है. इसी क्रम में AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी पहली बार मुंगेर पहुंच रहे हैं. वे यहां पार्टी उम्मीदवार और पूर्व मंत्री मोनाजिर हसन के समर्थन में चुनावी सभा को संबोधित करेंगे और लोगों से उनके पक्ष में वोट देने की अपील करेंगे.
मोनाजिर हसन पहले जनता दल यूनाइटेड (JDU) और RJD दोनों दलों से चार बार विधायक रह चुके हैं. JDU की सरकार में उन्हें मंत्री पद भी मिल चुका है. इस बार उन्होंने असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM से चुनावी मैदान में उतरने का फैसला लिया है. मुंगेर विधानसभा क्षेत्र में करीब 30 हजार से ज्यादा मुस्लिम मतदाता हैं, जिन्हें महागठबंधन अपना पारंपरिक वोट बैंक मानता है.
ऐसे में ओवैसी की सभा के बाद इस कोर वोटर में सेंध लगने की आशंका जताई जा रही है. अगर असदुद्दीन ओवैसी मुस्लिम वोटरों को अपने पक्ष में एकजुट करने में कामयाब रहे, तो इसका सीधा असर RJD के वोट बैंक पर पड़ सकता है. मिली जानकारी के मुताबिक, करीब एक महीने पहले AIMIM ने मुंगेर प्रमंडल की 22 सीटों में से मुस्लिम बहुल इलाकों में दो से तीन उम्मीदवार उतारने की मांग महागठबंधन से की थी.
हालांकि, इन सीटों में से जमुई से RJD ने अपना प्रत्याशी घोषित कर दिया. इसके बाद सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने पूर्व मंत्री मोनाजिर हसन को उम्मीदवार बनाया, जिससे मुस्लिम मतदाताओं में एकजुटता बढ़ने की संभावना दिख रही है. राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि मोनाजिर हसन MY (मुस्लिम-यादव) समीकरण में बदलाव ला सकते हैं, जिससे महागठबंधन को नुकसान हो सकता है.
AIMIM प्रमुख असदुद्दी ओवैसी की सभा को लेकर स्थानीय सियासत में हलचल तेज हो गई है. अब तक मुस्लिम वोट बैंक म से नए समीकरण बनते दिख रहे हैं. सभा को लेकर मोनाजिर हसन ने कहा कि वे जनता के बीच विकास,नरोजगार और शिक्षा जैसे तीन मुख्य मुद्दों को लेकर जाएंगे। उनका कहना है कि उनकी पहचान केवल किसी समुदाय विशेष तक सीमित नहीं है, बल्कि वे पूरे क्षेत्र के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध हैं.