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Bihar News Today: बिहार से एक हैरान कर देने वाली घटना सामने आई है. जहां एक सरकारी स्कूल में पढ़ाने वाले मुस्लिम टीचर पर उन्हीं की छात्राओं ने गंभीर आरोप लगाए हैं. यह मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है. छात्राओं ने जब इसकी शिकायत अपने परिजनों से की तो उन्होंने स्कूल में पहुंच कर हंगामा शुरू कर दिया.
दरअसल, यह पूरा मामला बिहार के जमुई जिला का है. यहां के सरकारी स्कूल में पढ़ाने वाले मुस्लिम टीचर पर आरोप है कि वह क्लास रूम में कथित तौर पर हिंदू देवी-देवताओं का अपमान करते हैं. इस घटना के बाद छात्राओं और अभिवावकों ने आरोपी टीचर के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया और सख्त कार्रवाई की मांग की है.
यह मामला बिहार के जमुई जिले के झाझा प्रखंड अंतर्गत मध्य विद्यालय का है. यहां हिंदी विषय के टीचर अब्दुल मोइन पर आरोप है कि उन्होंने हिंदू धर्म का अपमान किया, जिससे छात्राओं की भावनाएं आहत हुई हैं. विद्यालय में कक्षा पांचवीं में पढ़ने वाली दीपा कुमारी, राधिका कुमारी, शिवानी कुमारी और शीतल कुमारी सहित दर्जनों छात्राएं ने अपने अभिभावकों के साथ विद्यालय पहुंचीं और टीचर के खिलाफ प्रदर्शन किया.
छात्रा दीपा कुमारी ने आरोप लगाया कि टीचर अब्दुल मोइन क्लास में देवी-देवताओं के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणियां करते हैं. दीपा के मुताबिक, टीचर अब्दुल मोइन क्लास में कहते हैं कि "टेढ़ी-मेढ़े कैसे भगवान हो सकते हैं. यह टिप्पणी उन्होंने मां दुर्गा को लेकर की." छात्रा ने कहा कि "गणेश भगवान पर टिप्पणी करते हुए आरोपी टीचर ने कहा कि जिसकी सूंड लंबी हो, वह कैसे भगवान हो सकता है." इतना ही नहीं, उन्होंने पान की पीक की तुलना भी हिंदू पूजन परंपरा से कर डाली, जिससे छात्राएं आहत हैं.
दीपा की मां लीला देवी ने बताया कि जब बच्ची ने घर लौटकर टीचर की कही बातें बताईं, तो वह चौंक गई. उन्होंने कहा "हम लोग सनातन धर्म के मानने वाले हैं और बच्चों को शिक्षा देने के लिए स्कूल भेजते हैं, न कि धार्मिक अपमान सहने के लिए." वहीं, इस घटना की शिकायत स्कूल के प्रधानाध्यापक मोहम्मद शमसुद्दीन अंसारी से की गई. प्रधानाध्यापक ने फोन पर शिक्षक से बात की और बताया कि आरोपी टीचर ने माफी मांगी है.
इस मामले में दीपा कुमारी, शीतल कुमारी, शिवानी कुमारी, लीला देवी, ललिता देवी, पूजा कुमारी और अन्य ने संयुक्त रूप से डीईओ को मेल के जरिये से लिखित शिकायत सौंपी है. इसके साथ ही शिकायत की एक कॉपी जिलाधिकारी, मुंगेर कमिश्नर, क्षेत्रीय शिक्षा उपनिदेशक, शिक्षा विभाग (पटना व नई दिल्ली) और प्रधानमंत्री कार्यालय तक भेजी गई है.
अभिभावकों ने कहा कि इस तरह की टिप्पणियों से बच्चे पर प्रतिकूल असर पड़ता है. स्कूल पढ़ाने के लिए अब सुरक्षित नहीं रह गया है. अभिभावकों की मांग है कि इस मामले में निष्पक्ष जांच हो और आरोपी टीचर पर सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि स्कूल में धर्म और राजनीति से अलग शिक्षा का माहौल बना रहे.