Hina Praveen rape and Murder case: बिहार के मधेपुरा में मुरलीगंज थाना इलाके के भैरोपट्टी गांव में 31 साला विधवा महिला हिना प्रवीण की हत्या और कथित सामूहिक दुष्कर्म के एक हफ्ते बाद पुलिस ने 3 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. अभी इस बात की तस्दीक नहीं हुई है कि हत्या के पहले मक्तूला के साथ सामूहिक दुष्कर्म हुआ था या नहीं, लेकिन एक बड़ा सवाल वो ज़रूर छोड़ गई है कि एक विधवा महिला के खुदमुख़्तार होकर जीने और अपने बाल- बच्चों की परवरिश करने को समाज आखिर क्यों स्वीकार नहीं कर पाता है?
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Hina Praveen rape and Murder case: बिहार के मधेपुरा में 7 दिनों पहले कथित सामूहिक दुष्कर्म और हत्या की शिकार हिना परवीन की रूह और इस भरी दुनिया में यतीम रह गए उसके बच्चे टकटकी लगाए इन्साफ की राह देख रहे हैं. उन बदनसीब बच्चों के सर से बाप का साया पहले ही उठ चुका था, और मां के आँचल को भी किसी मनहूस की नज़र लग गई.
बीते 6 जनवरी को मधेपुरा जिले के मुरलीगंज थाना इलाके के भैरोपट्टी गांव में 31 साला एक बेवा औरत हिना प्रवीण की भूसे से भरी एक झोपड़ी से लाश बरामद की गई थी. हिना परवीन की बड़ी निर्ममता से हत्या की गई थी, और आशंका जताई गई थी कि क़त्ल के पहले मक्तूला के साथ इज्तामई तौर पर असमतदरी की गई है.
मंगलवार को पुलिस ने इस मामले में तीन मुलजिमों, चन्दन कुमार, कुंदन कुमार और मोहम्मद कय्यूम को गिरफ्तार करने का दावा किया है, लेकिन पुलिस अपने कांफ्रेंस में उन बहुत सारे सवालों को टाल गई, जिसका जवाब देना लाजिमी था.
हिना प्रवीण 3 जनवरी से अचानक घर से गायब हो गई थी. काफी खोजबीन के बाद भी उसका कोई पता नहीं चल सका, लेकिन तीन दिन बाद गाँव में ही उसके घर से कुछ फासले पर बनी एक झोपड़ी जिसमें भूसा भरा हुआ था, उससे बदबू आने पर लोगों ने इस बात की पुलिस को सूचना दी. पुलिस ने जब जाँच की तो उस झोपड़ी में हिना प्रवीण की लाश पाई गई. लाश पर धारदार हथियार के जख्मों के कई निशान थे. वहीँ पास से ही एक धारदार हथियार भी पुलिस ने बरामद किया. माना जा रहा है कि इसी हथियार से हिना का क़त्ल किया गया होगा. ये भी आशंका जाहिर की गई कि क़त्ल से पहले हिना के साथ इज्तमाई तौर पर अबरूरेज़ी की गई है.
क़त्ल को साम्प्रदायिक रंग देने की कोशिश
हिना के क़त्ल के बाद गाँव के ही चन्दन कुमार और कुंदन कुमार नाम के दो लोगों को हिना की हत्या का आरोपी बातया गया और उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया. जब तक चन्दन कुमार और कुंदन कुमार की गिरफ्तारी नहीं हुई इस घटना को साम्प्रदायिक रंग देने की भरपूर कोशिश की गई. AIMIM के स्थानीय नेताओं और बिहार के प्रदेश प्रमुख अख्तरुल ईमान ने इस हत्या को सरकार की विफलता बताते हुए विपक्ष को भी निशाने पर लिया, क्यूंकि चन्दन कुमार और कुंदन कुमार भी उसी जाति के हैं, जिस जाति से बिहार में विपक्ष के नेता तेजश्वी यादव ताल्लुक रखते हैं. स्थानीय यूटूबर्स ने भी इस मामले में बहुत सनसनीखेज तरीके से रिपोर्टिंग की, और इस एक आपराधिक घटना को हिन्दू- मुस्लिम एंगल देने की कोशिश की.
दो नामजद सहित कय्यूम को किया गया गिरफ्तार
हत्या के बाद मंगलवार को मधेपुरा पुलिस ने इस हत्याकांड का आंशिक तौर पर खुलासा कर दिया. पुलिस ने इस संबंध में दो नामजद मुलजिम चन्दन कुमार और कुंदन कुमार सहित मो. कय्यूम नामक के एक शख्स को गिरफ्तार किया है. अनुमंडल पुलिस अधिकारी प्रवेंद्र भारती ने बताया कि इस मामले में दीगर मुलजिमों की भी संलिप्तता है. उसके गिरफ्तारी के लिए भी छापेमारी की जा जारी है. हालांकि एएसपी ने गैंग रेप के सवाल पर कहा कि एफएसएल रिपोर्ट आने के बाद इस पर कुछ कहा जा सकता है. अभी इस बात के सबूत नहीं आये हैं कि हत्या के पहले हिना प्रवीण के साथ रेप हुआ है कि नहीं? एएसपी ने ये भी नहीं बताया कि आरोपियों ने आखिर हिना प्रवीण की हत्या क्यों की, इसके पीछे उनका मकसद क्या था ?
पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव ने दी माली मदद
इससे पहले सोमवार को पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव हिना के गाँव भैरोपट्टी में उसके आवास पर उसके बच्चों और माता- पिता से मिलने पहुंचे थे. पापू यादव ने इस घटना की खुलकर मज़म्मत की थी, और मुलजिमों की गिरफ्तारी की मांग की थी. उन्होंने पीड़ित परिवार से संवेदना जाहिर करते हुए फौरी इमदाद के तौर पर 50 हज़ार रुपए की रकम दी थी और हिना परवीन के बच्चों को हर माह 10 हज़ार रुपए तबतक देने का वादा किया, जब तक उसके घर में कोई कमाने वाल न हो जाए. सांसद ने ये भी कहा था कि हिना की बेटियों की जब कभी शादी होगी उसमें वो 25 हज़ार रुपए की माली मदद करेंगे. सांसद ने बिहार सरकार से पीड़ित हिना के परिवार के लिए 20 लाख रुपये का मुआवजा, विशेष जांच दल (SIT) का गठन कर तीन महीने के अन्दर कसूरवारों को फांसी देने की मांग की है. साथ में उन्होंने ये चेतावनी भी दी कि अगर इस मामले में जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वो सड़क से संसद तक मामला उठाएंगे.
सांसद पप्पू यादव के पहले मधेपुरा के राजद विधायक प्रोफेसर चन्द्र शेखर और महिषी विधानसभा के राजद विधायक गौतम कृष्ण भी घटना के बाद भैरोपट्टी गाँव का दौरा किया था. इसके बावजूद इस घटना को यादव बनाम मुस्लिम बनाने के लिए कुछ राजनीतिक दलों के नेताओं ने खूब दुष्प्रचार किया, लेकिन पुलिस पर प्रशासन ने उन्हें इसमें कामयाब नहीं होने दिया.
गौरतलब है कि हिना प्रवीण के 6 बच्चे हैं, जिसमें से बड़ी लड़की की अगले माह शादी होने वाली थी. हिना के पति की सालभर पहले ही किडनी की बिमारी से मौत हो गई थी. हिना का पति मजदूरी करता था, उसकी मौत के बाद हिना भी मेहनत- मजदूरी कर अपना घर- परिवार चला रही थी. गाँव के स्थानीय लोग बताते हैं कि कुंदन और चन्दन के यहाँ वो मजदूरी करने जाती थी, जिसे हत्या का आरोपी बनाया गया है. हालांकि, इनसे हिना का पहले कोई झगड़ा या विवाद नहीं था. हालांकि, कुछ लोगों ने दावा किया है कि चन्दन और कुंदन हिना पर बुरी नज़र रखते थे, और उसे परेशान करते थे. लेकिन इस बात की पुलिस ने अभी पुष्टि नहीं की है. हिना ने कभी ऐसी कोई शिकायत भी किसी से नहीं की थी. वहीँ, तीसरा आरोपी कय्यूम हिना का पड़ोसी और रिश्तेदार भी बताया जा रहा है.
भैरोपट्टी गाँव में हिन्दू और मुसलमानों की मिक्स आबादी है. लगभग 250 घर मुसलमानों का है, जिसमें कुछ अशराफ और पसमांदा मुसलमान रहते हैं. गाँव में 30- 35 घर यादवों और 50- 60 घर वैश्य समाज के लोगों का है. गाँव में किसी हिन्दू- मुसलमान विवाद का कोई इतिहास नहीं रहा है.लेकिन हिना की मौत के बाद जिस तरह से सोशल मीडिया पर इस घटना की सनसनीखेज रिपोर्टिंग हुई, रील्स शेयर किये गए, उससे पुलिस और प्रशासन के साथ इलाके के राजनीति को कटघरे में खड़ा कर दिया.
इस वारदात के आरोपी पकड़ लिए गए हैं, लेकिन आरोपियों पर जुर्म साबित होगा या नहीं और उन्हें सजा मिलेगी या नहीं, ये वक़्त बताएगा. मगर, हिना के अनाथ बच्चों की दुनिया उजड़ चुकी है. हिना की हत्या हो चुकी है. हत्या के पहले रेप हुआ या नहीं इसका जवाब भी मिल जाएगा. लेकिन उसकी हत्या क्यों हुई, इस सवाल का जवाब किसी के पास नहीं है ? ये सवाल भी हमेशा अनुत्तरित रह जाएगा कि हमारा समाज एक आत्मनिर्भर विधवा महिला को आखिर आज भी बर्दाश्त क्यों नहीं कर पाता है?