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Kishanganj News Today: बिहार में विधानसभा चुनाव में महज कुछ माह बचे हैं. इससे पहले बिहार का सियासी पारा चरम पर पहुंच गया है. इस बीच किशनगंज जिले में अवैध रूप से संपत्ति अर्जित करने के मामले में बड़ी कार्रवाई की गई है. ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के किशनगंज जिलाध्यक्ष रहीमुद्दीन उर्फ हैबर पर सरकारी राशि गबन और अन्य गंभीर आरोपों के चलते पुलिस ने उनकी संपत्ति जब्त करने का प्रस्ताव न्यायालय को भेजा है.
किशनगंज पुलिस अधीक्षक सागर कुमार ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया कि रहीमुद्दीन सहित तीन लोगों पर अवैध तरीके से संपत्ति अर्जित करने का आरोप है. उनके साथ सदर थाना क्षेत्र के खगड़ा गांव निवासी मोहम्मद कुर्बान और विशनपुर थाना क्षेत्र के चांद हुसैन उर्फ चांद का नाम भी शामिल है. पुलिस ने इन तीनों के खिलाफ संपत्ति जब्ती की प्रक्रिया शुरू कर दी है और न्यायालय को प्रस्ताव भेजा जा चुका है. प्रस्ताव पर अनुमति मिलते ही कार्रवाई बीएनएस की धारा 107 के तहत की जाएगी.
रहीमुद्दीन पर पहले से कई गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं. साल 2014 में ठाकुरगंज थाना में उनके खिलाफ सरकारी राशि गबन का केस दर्ज हुआ था. इसके अलावा उन पर धोखाधड़ी, मारपीट, चोरी और दुष्कर्म जैसे कुल छह आपराधिक मामले भी चल रहे हैं. बताया जा रहा है कि जब ये गबन का मामला सामने आया, उस समय रहीमुद्दीन की पत्नी ठाकुरगंज प्रखंड की प्रमुख थीं. इसी दौरान सरकारी योजनाओं के पैसे में गड़बड़ी कर बाबुओं के साथ मिलकर रकम गबन करने का आरोप लगा था.
मामला सामने आने के बाद AIMIM पार्टी ने भी कड़ा कदम उठाया है. पार्टी के बिहार प्रदेश अध्यक्ष अख्तरुल ईमान ने रहीमुद्दीन को तत्काल प्रभाव से जिला अध्यक्ष पद से हटा दिया और उन्हें पार्टी से निलंबित कर दिया है. पार्टी के प्रदेश कोषाध्यक्ष इसहाक आलम ने भी बयान जारी कर पार्टी के इस फैसले की पुष्टि की.
पुलिस के जरिये भेजे गए प्रस्ताव के आधार पर अब रहीमुद्दीन उर्फ हैबर की चल-अचल संपत्तियों को जब्त किया जाएगा. इस पूरे मामले पर पुलिस और न्यायालय की अगली कार्रवाई पर सबकी निगाहें टिकी हैं. किशनगंज में यह मामला सियासी और प्रशासनिक हलकों में चर्चा का विषय बना हुआ है.