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Bihar Politics: संसद के दोनों सदनों वक्फ संशोधन विधेयक का समर्थन देने के बाद जेडीयू, टीडीपी समेत कई दलों में सियासी भूचाल आ गया है. बिहार में सत्तारूढ़ जेडीयू में सियासी उठापटक जारी है. जेडीयू अल्पसंख्यक विंग के महासचिव और पार्टी के सीनियर नेता मोहम्मद तबरेज सिद्दीकी ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है.
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को भेजे गए अपने इस्तीफे में मोहम्मद तबरेज सिद्दीकी ने लिखा, "मुझे उम्मीद नहीं थी कि जेडीयू वक्फ संशोधन बिल का समर्थन करेगी. संसद में पार्टी के रुख से मैं मायूस हूं. इसलिए, मैं प्राथमिक सदस्यता और पार्टी में अपने सभी पदों से इस्तीफा दे रहा हूं." उन्होंने पार्टी पर धर्मनिरपेक्ष विचारों के उटल करने और अपनी साख और प्रतिष्ठा से धोखाधड़ी करने का आरोप लगाया.
तबरेज सिद्दीकी ने दावा किया कि इस साल के आखिर में होने वाले बिहार विधानसभा चुनाव में जेडीयू को इसका परिणाम भुगतना होगा. उन्होंने कहा कि पार्टी के इस रवैये की वजह से काफी नाराजगी और अभी तेजी से पलायन होगा. मोहम्मद तबरेज सिद्दीकी से पहले भी जेडीयू के कई नेताओं ने पार्टी का दामन छोड़ दिया है. इससे पहले ढाका (पूर्वी चंपारण) से जेडीयू के पूर्व उम्मीदवार मोहम्मद कासिम अंसारी और जमुई से जेडीयू के सीनियर नेता मोहम्मद शाहनवाज मलिक शामिल हैं.
जेडीयू एमएलसी गुलाम गौस ने भी वक्फ बिल दोनों सदनों में पास होने और पार्टी के रुख पर नाराजगी जाहिर की. गुलाम गौस ने इस बिल को असंवैधानिक बताते हुए राष्ट्रपति से इसे वापस लौटाने की मांग की है. उन्होंने कहा कि वक्फ बिल की आड़ में मुसलमानों को निशाना बनाया जा रहा है. गुलाम गौस ने कहा कि अगर बीजेपी मुसलमानों का भला चाहती है तो सच्चर कमेटी और रंगनाथ मिश्रा कमीशन की सिफारिशों को लागू करे.
गुलाम गौस ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर शायराना अंदाज में तंज कसते हुए कहा कि "मेरा कातिल ही मेरा मुंसिफ है, फैसला हमें क्या देगा? हमें उनसे है वफा की उम्मीद, जो जानते नहीं वफा क्या है." उन्होंने कहा कि जिस तरह से देश में कृषि कानून को वापस लिया गया है, उसी तरह से वक्फ बिल को भी वापस लिया जाना चाहिए. जेडीयू एमएलसी ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि वे मुसलमानों को सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर न करें.
मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए गुलाम गौस ने कहा कि केंद्र में जब से बीजेपी की सरकार आई है, तब से सीएए, एनआरसी, धारा 370, ट्रिपल तलाक और वक्फ बिल ले आए हैं. उन्होंने कहा कि क्या सुधार के लिए सिर्फ मुसलमान ही नजर आता है. जेडीयू नेता ने पार्टी के सांसदों के जरिये बिल के समर्थन के सवाल पर कहा कि उन्होंने समर्थन किया, वो उनकी राय है और उनकी इच्छा है. उन्होंने कहा कि मेरी गर्दन पर छूरी चल रही है तो मैं नहीं बोलूंगा.
इसके अलावा पूर्वी चंपारण से जेडीयू के ढाका से पूर्व मुख्य पार्षद प्रत्याशी गौहर आलम ने पार्टी छोड़ने का ऐलान किया है. उन्होंने वक्फ संशोधन बिल पर जेडीयू के समर्थन देने पर नाराजगी जताई और मुसलमानों का यकीन तोड़ने का इल्जाम लगाया. गौहर आलम ने कहा कि वक्फ बिल हम भारतीय मुसलमानों के खिलाफ है, इसे किसी सूरत में स्वीकार नहीं किया जा सकता है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि इस बिल के जरिये हम मुसलमानों को जलील और रुसवा किया जा रहा है, जिसका एहसास न आपको है और न आपकी पार्टी को है.
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