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Guru Ghasidas Vishwavidyalaya News: बिलासपुर में गुरु घासीदास सेंटर यूनिवर्सिटी के छात्र अर्सलान अंसारी की मौत के मामले में नया मोड़ आ गया है. मृतक के पिता अरशद अयूब अंसारी ने बिलासपुर के एसएसपी को ज्ञापन सौंपकर गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने कहा कि उनके बेटे अर्सलान की मौत हादसा नहीं बल्कि हत्या है और उसे जानबूझकर तालाब में फेंका गया था.
परिवार का कहना है कि यह घटना 23 अक्टूबर की है, जब अर्सलान का शव यूनिवर्सिटी परिसर के तालाब से संदिग्ध हालत में बरामद किया गया. पिता अरशद के मुताबिक, शव पर चोट के निशान थे. साथ ही अर्सलान के जिस्म पर सिर्फ टी-शर्ट और अंडरवियर था, बाकी कपड़े नहीं मिले. इससे हत्या की आशंका और गहरी हो रही है.
अरशद अयूब ने बताया कि उनका बेटा 21 अक्टूबर शाम से लापता था और उसी दिन से उसका मोबाइल बंद था, लेकिन हॉस्टल मैनेजमेंट ने उन्हें इसकी कोई जानकारी नहीं दी. परिजनों का आरोप है कि 21 से 24 अक्टूबर तक लगातार कॉल करने के बाद भी वार्डन और अन्य अधिकारियों ने कोई जवाब नहीं दिया.
पीड़ित परिवार ने कहा कि उन्होंने 45 दिन पहले कोनी थाना में शिकायत दी थी, मगर FIR पर आज तक कोई कार्रवाई नहीं की गई. 6 दिसंबर को फिर थाना जाने पर भी सिर्फ पुराने जवाब दोहरा दिए गए. उनका कहना है कि पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट देने के बाद बाकी दस्तावेज के लिए उन्हें एसपी ऑफिस भेज देती है, मगर कोई दस्तावेज नहीं दिया जा रहा है.
अर्सलान के पिता ने यूनिवर्सिटी प्रशासन पर भी गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है. उन्होंने ज्ञापन में लिखा कि वाइसचांसलर, रजिस्ट्रार, चीफ वार्डन, हॉस्टल वार्डन, सुरक्षा प्रभारी, प्रॉक्टर और डीएसडब्ल्यू इस घटना के लिए जिम्मेदार हैं क्योंकि सुरक्षा व्यवस्था उनकी जिम्मेदारी थी. उन्होंने कहा कि अर्सलान कभी आत्महत्या नहीं कर सकता, यह पूरी तरह से साजिश का मामला है. पीड़ित पिता ने यह भी जानकारी दी कि अर्सलान के दो मोबाइल नंबरों में से एक नंबर लगातार चालू था, फिर भी उस नंबर की जांच नहीं की गई.
परिवार का कहना है कि यूनिवर्सिटी प्रशासन ने न तो मदद की और न ही सुरक्षा में हुई चूक की जिम्मेदारी ली. मृत बेटे को इंसाफ दिलाने के लिए बिहार से 1000 किलोमीटर की दूरी तय कर अयूब अंसारी बिलासपुर पहुंचते हैं, लेकिन पुलिस उनकी एक नहीं सुन रही है. उन्होंने इस मामले में सभी जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ हत्या, लापरवाही और सबूत छिपाने जैसी धाराओं में एफआईआर दर्ज की जाए और जांच को तेजी से आगे बढ़ाया जाए.
नजीब की तर्ज पर अर्सलान के साथ हुई घटना
जेएनयू के बायोटेक्नोलॉजी छात्र नजीब अहमद 16 अक्टूबर 2016 से रहस्यमय तरीके से लापता हो गए थे. आरोप है कि गुमशुदगी से एक दिन पहले हॉस्टल में उनका विवाद हुआ था और ABVP कार्यकर्ताओं ने उनकी पिटाई की थी, जिसका वीडियो भी सामने आया था. आखिरी बार वह हॉस्टल गेट पर सीसीटीवी में दिखाई दिए और मां से रोते हुए कहा था कि 'मुझे बहुत मारा है.'
गुमशुदगी की रिपोर्ट दिल्ली पुलिस ने दर्ज की, बाद में मामला CBI को सौंपा गया, लेकिन आज तक कोई सुराग नहीं मिला. परिवार का आरोप है कि नजीब को सियासी हिंसा का शिकार बनाया गया. नजीब की मां फातिमा नफीस अब भी इंसाफ की लड़ाई जारी रखे हुए हैं. यह केस अब भी भारत की सबसे बड़ी अनसुलझी छात्र गुमशुदगी माना जाता है. इसी तरह से अब अर्सलान अंसारी के साथ जेएनयू से हजारों किलोमीटर दूर बिलासपुर की गुरु घासीदास यूनिवर्सिटी से सामने आया है.