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Mata Vaishno Devi University News: जम्मू-कश्मीर के श्री माता वैष्णो देवी यूनिवर्सिटी में मुस्लिम स्टूडेंट्स के एडमिशन पर रोक लगा दी गई है. भारतीय जनता पार्टी (BJP) समेत कई हिंदूवादी संगठनों ने इस यूनिवर्सिटी में मुस्लिम छात्रों के एडमिशन लेने पर आपत्ति व्यक्त की और इस यूनिवर्सिटी में सिर्फ हिंदू समुदाय के छात्रों को एडमिशन देने की मांग की. इस मांग को लेकर भाजपा नेताओं के पांच सदस्यों वाला एक डेलिगेशन जम्मू-कश्मीर के लेफ्टिनेंट गवर्नर के पास पहुंचा. भाजपा के इस मांग वाले मेमोरेंडम को जम्मू-कश्मीर के गवर्नर मनोज सिंहा ने स्वीकार कर लिया है. वहीं, इस मांग के खिलाफ जम्मू-कश्मीर की ज्यादातर राजनीतिक पार्टियों ने विरोध किया है.
जम्मू-कश्मीर में सत्ताधारी नेशनल कॉन्फ्रेंस पार्टी और पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी के साथ अन्य कई पार्टियों ने कहा है कि शिक्षा के क्षेत्र में धर्म के आधार पर भेदभाव नहीं किया जा सकता. कई नेताओं ने कहा कि देश में जामिया मिलिया इस्लामिया और अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी जैसे अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थानों में हिंदू समाज के छात्र पढ़ते हैं, वहां उनके साथ धर्म के आधार पर भेदभाव नहीं होता और उन्हें एडमिशन से उनके धर्म देखकर नहीं रोका जाता है.
दरअसल, माता वैष्णो देवी यूनिवर्स्टी ने MBBS की कॉर्स में एडमिशन के लिए क्वालिफाइड स्टूडेंस्ट के नामों वाली लिस्ट जारी की. इस लिस्ट में 50 छात्रों में 48 छात्र मुस्लिम समाज से थे. इस लिस्ट के आने के बाद भाजपा के नाताओं और हिंदूवादी संगठनों ने विवाद खड़ा कर दिया. जम्मू-कश्मीर विधानसभा के लीडर ऑफ अपोजिशन और भाजपा के नेता सुनील शर्मा के साथ भाजपा के पांच सदस्यी नेताओं का एक डेलिगेशन इस मुद्दे पर गवर्नर मनोज सिंहा से राजभावन में बीते शनिवार (22 नवंबर) को मुलाकात की. डेलिगेशन ने कहा कि इस यूनिवर्सिटी का संचालन माता वैष्णो देवी मंदिर के चढ़ावे के पैसों से होता है, इस लिए इस यूनिवर्सिटी में सिर्फ उसी स्टूडेंट्स को एडमिशन मिलना चाहिए, जिनका माता वैष्णो देवी में आस्था हो.
भाजपा के इस डेलिगेशन ने साफ तौर पर कहा कि वह यूनिवर्सिटी प्रशासन द्वारा क्वालिफाइड स्टडेंट्स के लिस्ट जारी किए गए हैं, उन्हें नहीं मानते हैं. डेलिगेशन ने गवर्नर मनोज सिंहा से मांग की है कि श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड के नियमों में बदलाव किया जाए. वहीं, इस विवाद पर यूनिवर्सिटी के प्रशासन ने कहा है कि यूनिर्सिटी में एडमिशन के लिए छात्रों को उनके मेरिट के आधार पर चुना गया है. साथ ही यूनिवर्सिटी के प्रशासन ने कहा कि एडमिशन पूरी तरह NMC के नियमों के तहत हुए हैं. गाइडलाइंस के मुताबिक 85% सीटें जम्मू-कश्मीर के निवासियों के लिए और 15% देश के अन्य राज्यों के छात्रों के लिए आरक्षित हैं.