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क्या वक्फ बिल पर सदन में होने वाला है खेला? बीजेपी ने वोटिंग के लिए जारी की व्हिप

BJP Whip on Waqf Amendment Bill: वक्फ संशोधन बिल को लेकर पूरे देश में मुस्लिम समाज के साथ सत्ता और विपक्ष में बैठे कई सियासी दल लगातार विरोध कर रहे हैं. हालांकि, बीजेपी सभी तरह के विरोध को दरकिनार करते हुए इसे कल सदन में पेश करने का ऐलान किया है.

 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी- फाइल फोटो
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी- फाइल फोटो

Waqf Amendment Bill in Parliament: बीजेपी ने तमाम कयासआराईयों पर लगाम लगाते हुए वक्फ संशोधन बिल को संसद में बुधवार (2 अप्रैल) को पेश करने का ऐलान किया है. इस बिल को संसद में मंजूद कराने के लिए बीजेपी ऐड़ी चोटी का जोर लगा रही है. भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार ने अपने सभी पैंतरे तैयार कर लिए हैं.  

इसी कड़ी में भारतीय जनता पार्टी ने मंगलवार (1 मार्च) को व्हिप जारी किया है. इसमें बीजेपी की तरफ से कहा गया है कि बुधवार को सदन में महत्वपूर्ण विधायी कार्य है. व्हिप में आगे कहा गया है कि इसे पारित कराने के लिए सभी लोग पार्टी का समर्थन के साथ, इसके लिए वोटिंग भी करें. इस व्हिप के जरिये सभी सांसदों को कोर्ट में मौजूद रहने को कहा गया है. बीजेपी के इस ऐलान के बाद देश में सियासी तपिश बढ़ा दी है. 

बीजेपी की JDU-TDP ने बढ़ाई टेंशन

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वक्फ संशोधन बिल को सदन में पास कराने को लेकर बीजेपी में उहापोह की स्थिति है. इसकी वजह साफ है, एनडीए के घटक दल जदयू, टीडीपी और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) प्रमुख चिराग पासवान अलग-अलग मंचों से इसके विरोध करते नजर आए हैं. एनडीए के घटक दलों में शामिल जदयू, टीडीपी की पैठ मुस्लिम मतदाताओं में अच्छी है. ऐसे में ये दोनों दल मोदी की अगुवाई वाली केंद्र सरकार की आंख बंदकर वक्फ बिल पर समर्थन करेंगे, ये देखने वाली बात होगी. फिलहाल अब सबकी निगाहें वक्फ संशोधन बिल पर टिकी हैं. 

इससे पहले 8 अगस्त 2024 को केंद्रीय अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री किरेन रिजिजू ने लोकसभा में वक्फ संशोधन बिल पेश किया था. हालांकि विपक्ष के भारी विरोध के बाद सरकार ने इसे संयुक्त संसदीय समिति को भेज दिया था. वक्फ बिल में संसदीय समिति ने कुल 44 संशोधन पेश किया था, जिसमें से लगभग 14 संशोधनों को जगदंबिका पाल की अगुवाई वाली संयुक्त संसदीय समिति ने स्वीकार कर लिया. इस बिल को मोदी कैबिनेट की पहले ही मंजूरी मिल चुकी है. बिल पेश होने से पहले मुस्लिम समुदाय के साथ सत्ता पक्ष और विपक्ष के कई दलों के साथ अन्य संगठन भारी विरोध कर रहे हैं. 

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