Rameshwar Sharma on Babri Masjid: भोपाल से बीजेपी विधायक रामेश्वर शर्मा ने मुर्शिदाबाद में बन रही बाबरी मस्जिद को लेकर एक विवादित बयान दिया है. उन्होंने कहा, "मस्जिद की नींव गहरी खोदो, क्योंकि जो मस्जिद बनेगी वह बाबरी मस्जिद नहीं होगी, बल्कि वही नींव कट्टरपंथी मुसलमानों की कब्रें बन जाएंगी."
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Rameshwar Sharma on Babri Masjid: मध्य प्रदेश के भोपाल की हुजूर विधानसभा सीट से बीजेपी विधायक रामेश्वर शर्मा अपने विवादित बयानों की वजह से हमेशा सुर्खियों में रहते हैं. जब भी वह कोई बयान देते हैं, तो वह हमेशा मुसलमानों के खिलाफ होता है. एक बार फिर उन्होंने मुगल बादशाह बाबर और मुर्शिदाबाद में बन रही बाबरी मस्जिद को लेकर एक विवादित बयान दिया है. उन्होंने कहा कि उसी मस्जिद की नींव का इस्तेमाल कट्टरपंथी मुसलमानों के लिए कब्रें बनाने का काम आएगा.
बीजेपी विधायक रामेश्वर शर्मा ने कहा, "पश्चिम बंगाल के TMC विधायक बाबरी मस्जिद की ईंटों की बात कर रहे हैं. मैं उस विधायक, TMC और कट्टरपंथी मुसलमानों से कहना चाहता हूं कि वे मस्जिद की नींव मज़बूत खोदें, क्योंकि बाबरी मस्जिद तो नहीं बनेगी, लेकिन वह नींव उनकी कब्रें बनाने के काम आ सकती है."
क्या है पूरा मामला
दरअसल, अयोध्या में बाबरी मस्जिद को 6 दिसंबर 1992 को एक हिंदू संगठन के सदस्यों ने गिरा दिया था. इस घटना के बाद पूरे देश में बड़े पैमाने पर हिंसा हुई, जिसमें हजारों लोगों की मौत हो गई. इसी वजह से मुस्लिम संगठनों ने हर साल 6 दिसंबर को "ब्लैक डे" के रूप में मनाने का फैसला किया. इस साल भी मुस्लिम संगठनों ने काला दिवस मनाया. इसी बीच, TMC विधायक हुमायूं कबीर ने मुर्शिदाबाद में एक मस्जिद की नींव रखी। नींव रखे जाने के बाद हिंदू संगठनों और BJP ने TMC, विधायक और यहां तक कि मुगल बादशाह के खिलाफ भी मोर्चा खोल दिया.
औरंगजेब को लेकर दिया था विवादित बयान
इससे पहले बीजेपी विधायक रामेश्वर शर्मा ने मुगल बादशाह औरंगजेब के खिलाफ ज़हर उगला था और कहा था कि जो भी औरंगजेब की तारीफ करेगा, उसे कब्रिस्तान भेज दिया जाएगा. एसपी नेता अबू आजमी का नाम लिए बिना, बीजेपी विधायक ने कहा था कि औरंगजेब, बाबर, हुमायूं और अकबर सभी लुटेरे थे. उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि छत्रपति शिवाजी, गुरु तेग बहादुर और महाराणा प्रताप सच्चे महान थे और रहेंगे. गुरु तेग बहादुर ने अपनी जान कुर्बान कर दी, और महान गुरु गोबिंद सिंह के दो बेटों को ज़िंदा दीवार में चुनवा दिया गया, लेकिन उन्होंने इस्लाम नहीं अपनाया.