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Patna News Today: बिहार की राजधानी पटना में बुधवार (27 अगस्त) को पसमांदा समाज ने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया. बिहार पासमांदा फाउंडेशन की अगुवाई में यह आक्रोश मार्च बीजेपी प्रदेश कार्यालय से निकाला गया. मार्च के दौरान स्टालिन के खिलाफ जमकर नारेबाजी हुई और जगह-जगह पोस्टर-बैनर भी लगाए गए.
मार्च में शामिल लोगों के हाथों में तख्तियां और बैनर थे, जिन पर लिखा था, 'बिहार के सम्मान में पसमांदा समाज मैदान में' और 'बिहारी का अपमान बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.' इस दौरान 'स्टालिन गो बैक' और 'स्टालिन होश में आओ' जैसे नारे गूंजते रहे. प्रदर्शनकारियों ने कहा कि बिहार और बिहारी समाज का अपमान किसी भी कीमत पर सहन नहीं किया जाएगा।
आक्रोश मार्च बीजेपी प्रदेश कार्यालय से आगे बढ़कर इनकम टैक्स गोलंबर तक पहुंचा. यहां पहुंचकर प्रदर्शनकारियों ने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन का पुतला जलाया. उनका कहना था कि बिहार के वकार और शिनाख्त पर हमला करने वालों को यहां किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.
इस मौके पर बिहार बीजेपी के मीडिया प्रभारी दानिश इकबाल ने कहा कि कांग्रेस के नेता रेवंत रेड्डी हों, तमिलनाडु के मुख्यमंत्री स्टालिन हों या प्रियंका गांधी, इन तीनों ने बिहार और बिहारी जनता को गाली दी है. इतना ही नहीं इन लोगों ने सनातन धर्म को भी अपमानित करने का काम किया है. दानिश इकबाल ने कहा, "जब ऐसे लोग बिहार की जमीन पर कदम रखते हैं तो हर नागरिक उनका विरोध करता है और करेगा."
दानिश इकबाल ने तेजस्वी यादव और लालू परिवार पर भी सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि बिहार की अवाम जानना चाहती है कि आखिर तेजस्वी यादव की ऐसी क्या मजबूरी है कि वह उन नेताओं का साथ दे रहे हैं, जिन्होंने बिहार को गाली दी. दानिश ने कहा, "बिहार का अपमान करने वाले नेताओं को लालू परिवार समर्थन क्यों देता है? बिहार की सड़कों पर ऐसे नेताओं को क्यों घुमाया जा रहा है? यह बिहार की जनता का अपमान है और जनता इसका जवाब चाहती है."