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Uttar Pradesh News Today: डुमरियागंज के पूर्व विधायक और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के फायरब्रांड नेता राघवेंद्र प्रताप सिंह अक्सर मुस्लिम विरोधी विवादित बयानों को लेकर सुर्खियों में रहते हैं. बीते दिनों राघवेंद्र प्रताप सिंह ने मुस्लिम औरतों को लेकर विवादित और आपत्तिजनक बयान दिया. राघवेंद्र प्रताप का यह बयान सामने आने के बाद लोगों ने इसका पुरजोर विरोध किया.
बहुजन समाज पार्टी (BSP) सुप्रीमो मायावती ने बीजेपी के पूर्व विधायक राघवेंद्र प्रताप सिंह के विवादित बयान पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है. बिना नाम लिए उन्होंने कहा कि इस तरह के बयान एक सभ्य और संवैधानिक सरकार के लिए खुली चुनौती है. मायावती ने अपनी सोशल मीडिया में मुसलमानों के खिलाफ नफरत और हिंसा की घटनाओं का भी मुद्दा उठाया.
पूर्व सीएम मायावती ने अपनी सोशल मीडिया पोस्ट एक्स (पहले ट्विटर) में लिखा, "मुस्लिम लड़की लाओ, नौकरी पाओ का हालिया संकुचित और नफरती बयान हैरान करने वाला है. साथ-साथ यूपी- उत्तराखण्ड सहित अन्य और राज्यों में भी धर्म परिवर्तन, लव जिहाद और ना जाने क्या-क्या नफरती नाम देकर और उसके विरुद्ध कानून को अपने हाथ में लेकर साम्प्रदायिक व जातिवादी द्वेष, वैमनस्य, अशान्ति, अराजकता फैलाना. लोगों के जान-माल व मजहब पर खतरा बन जाने का शरारती तत्वों का यह विषैला हिंसात्मक खेल बहुत ही शर्मनाक है."
’मुस्लिम लड़की लाओ, नौकरी पाओ, के ताज़ा संकीर्ण व घृणित बयान के साथ-साथ यूपी व उत्तराखण्ड सहित अन्य और राज्यों में भी धर्म परिवर्तन, लव जिहाद और ना जाने क्या-क्या नफरती नाम देकर तथा उसके विरुद्ध क़ानून को अपने हाथ में लेकर साम्प्रदायिक व जातिवादी द्वेष, वैमनस्य, अशान्ति, अराजकता…
— Mayawati (@Mayawati) October 28, 2025
मुख्यमंत्री मायावती ने आगे कहा, "ऐसे आपराधिक, अराजक, असामाजिक तत्व सभ्य और संवैधानिक सरकार के लिये खुली चुनौती और खतरा हैं. इन्हें शह और संरक्षण देने के बजाय सरकारें राज्य की करोड़ों जनता के हित व कल्याण को ध्यान में रखते हुये कानून का राज स्थापित करना चाहिए." उन्होंने मांग की कि "नफरती बयान देने वाले लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करें, यही अवाम और देशहित में है."
दरअसल, सिद्धार्थनगर में पूर्व विधायक राघवेंद्र प्रताप का एक वीडियो वायरल हुआ था. राघवेंद्र प्रताप जनसभा में कहते नजर आए, "अगर मुस्लिम लड़के दो हिंदू लड़कियों को अपने साथ ले जाते हैं, तो तुम 10 मुस्लिम लड़कियां लाओ और हिंदू बनाओ." इतना ही नहीं उन्होंने मंच से ये भी कहा कि ऐसी शादी का खर्च और सुरक्षा की जिम्मेदारी वह खुद लेंगे और जो हिंदू लड़का, मुस्लिम लड़की लाएगा, उसे नौकरी दिलाने का भी इंतजाम किया जाएगा. राघवेंद्र प्रताप सिंह का शुमार सीएम योगी के करीबी नेताओं में होता है.
सिद्धार्थनगर जिले में हुई जनसभा के दौरान राघवेंद्र प्रताप ने खुद को 'योगी जी का सिपाही' बताया और खुलेआम भड़काऊ बयान दिए. पूर्व विधायक ने मंच से कहा, "अब अखिलेश यादव का जमाना नहीं रहा. जो पार्टियां मुस्लिम तुष्टिकरण करती थीं, उनका दौर खत्म हो गया है. अब योगी जी का राज है, डरने की कोई जरूरत नहीं. तुम जो चाहो करो, हम तुम्हारे साथ हैं."
राघवेंद्र प्रताप सिंह ने अपनी सभा में डुमरियागंज क्षेत्र को 'मिनी पाकिस्तान' बताते हुए विवादास्पद दावा किया. राघवेंद्र प्रताप ने कहा कि "योगी जी के मुख्यमंत्री बनने से पहले हिंदू डर-डरकर जीते थे, बहू-बेटियां सुरक्षित नहीं थीं. धनखरपुर में एक हफ्ते में दो हिंदू लड़कियां भगा ली गईं और हिंदुओं पर हमले भी हुए." उन्होंने आगे कहा, "अब वक्त बदल गया है, हिंदुओं को जागना होगा और मुकाबला करना होगा. हम पहले किसी को छेड़ते नहीं, लेकिन अगर कोई छेड़े तो छोड़ते भी नहीं."