Karnataka News: बीजेपी एमएलसी एन रविकुमार ने 2014 बैच की आईएएस अफसर फौजिया तरन्नुम को लेकर कहा कि 'वह पाकिस्तान से आई हुईं लगती हैं'. इस बयान के बाद MLC पर मुकदमा दर्ज किया गया है.
Trending Photos
)
Karnataka News: कर्नाटक पुलिस ने कलबुर्गी की डिप्टी कमिश्नर फौजिया तरन्नुम के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करने के आरोप में बीजेपी एमएलसी एन. रविकुमार के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है. यह एफआईआर कलबुर्गी शहर के एक सामाजिक कार्यकर्ता दत्तात्रेय द्वारा सोमवार को दर्ज कराई गई शिकायत के आधार पर दर्ज की गई.
पुलिस ने रविकुमार पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की मुख्तलिफ धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है, जिसमें धारा 197 (विभिन्न समूहों के बीच वैमनस्य, दुश्मनी या घृणा पैदा करने की संभावना वाले कार्य), 224 (लोक सेवक को उसके कर्तव्य निर्वहन से रोकने के लिए हमला या आपराधिक बल का प्रयोग), 299 (धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के इरादे से जानबूझकर और दुर्भावनापूर्ण कार्य), 302 (धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाना), 351 (आपराधिक धमकी) और 353 (लोक सेवक को उसके कर्तव्य निर्वहन से रोकने के लिए हमला या आपराधिक बल का प्रयोग) शामिल हैं. पुलिस ने रविकुमार पर एससी और एसटी (अत्याचार निवारण) अधिनियम की धारा 3 (1) (आर) के तहत भी मामला दर्ज किया है.
MLA पर लगा संगीन इल्जाम
एफआईआर के मुताबिक, रविकुमार ने डिप्टी कमिश्नर फौजिया तरन्नुम के बारे में सवाल उठाए कि वह भारत की हैं या पाकिस्तान की. उन पर यह भी इल्जाम है कि उन्होंने अपने मुस्लिम होने की वजह से भारतीय संविधान के प्रति भरोसा दिखाने से इंकार किया. शिकायत में बताया गया कि रविकुमार ने तीन पुलिस अधिकारियों चंद्रशेखर तिगाड़ी, नटराज नाडे और शंकरगौड़ा पाटिल की आलोचना की और कहा कि वे अपने काम ठीक से नहीं कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि उन्हें यकीन नहीं कि कलबुर्गी कर्नाटक में है या पाकिस्तान में. साथ ही, उन्होंने मंत्री प्रियांक खड़गे और पुलिस अधिकारियों को धमकाया, जिससे उनका काम प्रभावित हुआ है.
मुसलमानों के खिलाफ हिंसा की भड़काने की कोशिश का इल्जाम
शिकायतकर्ता ने कहा कि बीजेपी MLC ने कथित तौर पर जनता के बीच दहशत फैलाने और उन्हें एक विशेष जाति और धर्म के खिलाफ भड़काने की भी कोशिश की है. रविकुमार पर मुसलमानों के खिलाफ नफरत फैलाने और पुलिस अधिकारियों को "गुलाम" कहकर अपमानित करने का भी आरोप है. उन्होंने कथित तौर पर मंत्री प्रियांक खड़गे और समुदाय के सदस्यों को भी धमकाया, उनका अपमान किया और उन्हें डराया. एफआईआर के अनुसार, ये बयान कथित तौर पर 24 मई को कलबुर्गी के डिप्टी कमिश्नर के कार्यालय के सामने दिए गए थे.