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नई दिल्ली: मुल्क की यूनिवर्सिटीज स्टूडेंट्स की सुरक्षा के लिहाज से बेहद संवेदनशील बनते जा रहे हैं. कभी कोई स्टूडेंट्स डिप्रेशन में आत्महत्या कर ले रहा है, तो किस महिला छात्रा के साथ यौन शोषण और रेप की ख़बरें लगातार आ रही है. दिल्ली के जवाहर लाल नेहरु यूनिवर्सिटी के छात्र नजीब की तरह छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय से भी अर्सलान अंसारी नाम का एक स्टूडेंट गायब हो गया था. गायब होने के दो दिन बाद ही उसकी लाश यूनिवर्सिटी कैम्पस के ही एक तालाब से बरामद की गई. इस मामले में शुक्रवार को एनएसयूआई के छात्रों ने कैंडल लाइट जलाकर मह्लूक छात्र को खिराजे अकेदत पेश की और इस हत्या में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की.
गौरतलब है कि अर्सलान अंसारी 21 अक्टूबर से लापता था और 23 अक्टूबर को उसकी लाश यूनिवर्सिटी कैम्पस के तालाब से बरामद की गई थी. एनएसयूआई के नेता विकास सिंह ने इस मामले में यूनिवर्सिटी के हिफाज़ती इंतजाम पर सवाल उठाते हुए पूछा है कि तीन दिन तक छात्र गायब रहा, लेकिन होस्टल का वार्डन या प्रशासन को इसकी खबर तक क्यों नहीं लगी? विकास सिंह ने सवाल उठाया कि करोड़ों रुपए सिक्योरिटी पर खर्च करने के बावजूद अगर किसी छात्र की मौत हो जाती है, तो आखिर इसका जिम्मेदार कौन है..?
वहीँ, कांग्रेस नेता सुधांशु मिश्रा ने विश्वविद्यालय प्रशासन के रवैये पर सवाल उठाते हुए कहा है कि कुलपति खुद को राष्ट्रपति की तरह पेश करते हैं, और छात्रों से बदसलूकी करते हैं. विश्वविद्यालय का अपने छात्रों से रिश्ता पिता-पुत्र जैसा होना चाहिए, लेकिन यहां प्रशासन छात्रों की तकलीफ को समझना ही नहीं चाहता."
उधर, कांग्रेस नेता राजेंद्र साहू ने भी कहा कि अभिभावक अपने बच्चों को सेंट्रल यूनिवर्सिटी में पढ़ने भेजते हैं, ताकि उनका भविष्य सुरक्षित रहे, लेकिन ऐसी घटनाएं उनके भरोसे को तोड़ देती हैं. उन्होंने कहा, "हाई सिक्योरिटी वाले कैंपस में छात्र लापता हो जाता है, और तीन दिन तक किसी को भनक तक नहीं लगती. यह प्रशासन की घोर लापरवाही है."
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