Chirag Paswan on Boycott Iftar Party: 24 मार्च को चिराग पासवन ने 'इफ्तार' का आयोजन किया है और आयोजित किए जा रहे 'इफ्तार' की तैयारियों का जायजा लेने चिराग पासवान पार्टी दफ्तर पहुंचे थे. इस दौरान चिराग पासवान ने मुसलामनों को लेकर बड़ी बात कही है.
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Chirag Paswan on Boycott Iftar Party: बिहार की राजनीति में इफ्तार पार्टियों को लेकर जंग तेज हो गई है. मुस्लिम संगठन जमीयत उलेमा-ए-हिंद (JUH) ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान और आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू की इफ्तार पार्टियों का बहिष्कार करने का फरमान जारी किया है. संगठन का इल्जाम है कि ये नेता मुसलमानों के मुद्दों पर चुप रहते हैं, लेकिन चुनाव के दौरान सिर्फ दिखावे के लिए इफ्तार का आयोजन करते हैं. इस फैसले के बाद चिराग पासवान ने नाराजगी जाहिर की और जमीयत की मंशा पर सवाल उठाए. साथ ही तेजस्वी यादव पर हमला बोला है.
चिराग का छलका दर्द
दरअसल, 24 मार्च को चिराग पासवन ने 'इफ्तार' का आयोजन किया है और आयोजित किए जा रहे 'इफ्तार' की तैयारियों का जायजा लेने चिराग पासवान पार्टी दफ्तर पहुंचे थे. इस दौरान उन्होंने एक सवाल के जवाब में कहा कि मैं मदनी साहब का बहुत सम्मान करता हूं. मैं उनके फैसले का सम्मान करता हूं लेकिन, मैं उनसे थोड़ा सोचने का आग्रह करूंगा कि क्या राष्ट्रीय जनता दल (राजद) जैसे हमारे विरोधी, जो खुद को मुसलमानों के वकील मानते हैं, अल्पसंख्यक समुदाय के हितों की रक्षा करने में सफल हुए हैं?"
उन्होंने आगे कहा, ''मेरे दिवंगत पिता और राजनीतिक गुरु रामविलास पासवान ने एक बार अपना पूरा राजनीतिक जीवन दांव पर लगा दिया था ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि एक मुसलमान बिहार का मुख्यमंत्री बने.''
तेजस्वी यादव पर साधा निशाना
इस बहस के बीच चिराग ने पूरी रणनीति बदलते हुए सीधे तेजस्वी यादव पर निशाना साधना शुरू कर दिया। उन्होंने सवाल किया कि आरजेडी, जो खुद को मुसलमानों का सबसे बड़ा हितैषी बताती है, उसने अब तक मुस्लिम समाज के लिए क्या ठोस कदम उठाए हैं? चिराग ने कहा कि आरजेडी सिर्फ चुनाव के समय अल्पसंख्यकों को वोट बैंक के रूप में इस्तेमाल करती है, लेकिन जब उनके अधिकारों की रक्षा की बात आती है, तो पार्टी चुप्पी साध लेती है। उन्होंने पूछा कि तेजस्वी यादव को इस मुद्दे पर खुलकर जवाब देना चाहिए कि उन्होंने बिहार में मुसलमानों की बेहतरी के लिए क्या किया है.
बिहार में इफ्तार की सियासत
बिहार में विधानसभा चुनाव करीब हैं और ऐसे में इफ्तार पार्टियों पर मचे इस घमासान को राजनीतिक चश्मे से देखा जा रहा है. चिराग पासवान और तेजस्वी यादव के बीच इस बहस ने साफ कर दिया है कि बिहार की राजनीति में अल्पसंख्यक वोटों को लेकर घमासान और तेज होगा.