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नई दिल्ली: अक्सर कश्मीर से देश के दीगर राज्यों में चादर बेचने आने वाले कश्मीरी मुसलमानों को हिंसा का शिकार होना पड़ता है. उत्तराखंड और हिमाचल जैसे राज्यों में वह हिंदूवादी संगठन के लोगों के निशाने पर रहते हैं. कभी मुसलमान होने तो कभी कश्मीर का होने की वजह से उन्हें आतंकवादी या अन्य अपमानजनक संबोधन का सामना करना पड़ता है. उनसे मारपीट की जारी है, और इन राज्यों में न आने की चेतावनी दी जाती है. लेकिन कल छत्तीसगढ़ में कश्मीर से चादर बेचने आये एक मुस्लिम कश्मीरी नौजवान का न सिर्फ लोगों ने जमकर आवभगत की बल्कि गर्व के साथ उसके साथ तस्वीरें भी खिंचवाई.
ये खूबसूरत नज़ारा छत्तीसगढ़ के महेंद्रगढ़ जिले के चिरमिरी इलाके में देखने को मिला. कश्मीर के नजाकत अली हर साल चिरमिरी में साल में दो- तीन बार गर्म कपड़े बेचने आते हैं, और कपड़े बेचकर चले जाते हैं. लेकिन जब इस बार नजाकत अली चिरमिरी पहुंचे तो वहां के लोगों ने उनका भव्य स्वागत किया. फूलों का हार पहनाकर गुलदश्ता देकर नजाकत अली का इस्तकबाल किया. ख़ास बात ये है कि नजाकत अली का स्वागत करने वाले लोग कोई मुस्लिम नहीं बल्कि इलाके के हिन्दू थे, वो भी भारतीय जनता पार्टी से जुड़े हुए लोग.
क्यों किया नजाकत अली का स्वागत ?
दरअसल, आपको याद होगा कि इस साल 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम में दहशतगर्दों ने 27 पर्यटकों की हत्या कर दी थी. इस हमले में नजाकत अली ने अपनी जान की परवाह न करते हुए कई लोगों की जान बचाई थी. इन्हीं लोगों में शामिल थे, चिरमिरी के अरविन्द अग्रवाल. वो अपने परिवार के साथ उस वक़्त पहलगाम में छुट्टियाँ बिताने गए थे. हमले के वक़्त नजाकत अली ने अरविन्द अगरवाल और उनके परिवार के ११ लोगों की जान बचाई थी. अरविन्द अग्रवाल चिरमिरी में रहने वाले एक कारोबारी हैं, और भारतीय जनता पार्टी से जुड़े हुए हैं. बुधवार को जब उन्हें नजाकत अली के चिरमिरी आने की खबर मिले तो उन्होंने उसका सम्मान किया.
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