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India Pakistan Match Controversy: एशिया कप में भारत-पाकिस्तान के क्रिकेट मैच और बीजेपी के फायर ब्रांड नेता और केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह के विवादित बयान ने सियासी तूफान खड़ा कर दिया है. सहारनपुर से कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने इस मामले में केंद्र सरकार और गिरिराज सिंह पर जमकर निशाना साधा. उन्होंने खेल, व्यापार और धर्म के मुद्दों को लेकर बीजेपी पर जुबानी हमला बोला.
कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने भारत-पाकिस्तान क्रिकेट मैच को लेकर केंद्र सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि यह सिर्फ खेल नहीं बल्कि मुनाफा और व्यापार का खेल बन गया है. इमरान मसूद ने कहा, "व्यापार तो हर जगह चलता रहेगा. इस सरकार का मकसद यही है कि उसके दोस्तों को फायदा मिले. भारत-पाकिस्तान की टीमें नहीं, बल्कि ऐसा लगता है जैसे दोनों देशों की सेनाएं लड़ रही हों. इस रोमांच से भारी रकम कमाई जा रही है, क्योंकि प्रसारण से बहुत मुनाफा होता है."
सांसद इमरान मसूद ने आगे कहा, "हमारी बहनों का सिंदूर अभी धुला नहीं है, उनके आंसू सूखे भी नहीं हैं और आप मैच खेल रहे हैं. जहां सांस्कृतिक रिश्ते खत्म किए गए, वहां टीवी सीरियल बंद किए गए, लेकिन क्रिकेट का व्यापार जारी है." इमरान मसूद ने केंद्रीय कपड़ा मंत्री और बेगूसराय सांसद गिरिराज सिंह के बयान पर भी कड़ा प्रहार किया. गिरिराज सिंह ने कहा था कि मुसलमान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की योजनाओं का फायदा तो लेते हैं, लेकिन वोट नहीं देते हैं.
इमरान मसूद ने इसे जिहालत से भरा करार देते हुए कहा, "जिहालत (अज्ञानता) ऐसी चीज है कि जिसे इल्म नहीं होता, वह कुछ भी बोलता रहता है. गिरिराज सिंह को जिहालत में महारत हासिल है. सरकार देश की होती है, किसी शख्स की नहीं. देश के हर नागरिक को सरकारी योजनाओं का फायदा लेने का अधिकार है." उन्होंने केंद्रीय मंत्री को आड़े हाथों लेते हुए कहा, "यह गिरिराज सिंह का पैसा नहीं है. सरकार का काम सभी नागरिकों को बराबर मौके देना है, न कि धर्म या समुदाय के आधार पर भेदभाव करना है."
सांसद ने गिरिराज सिंह के फतवे संबंधी बयान पर भी इमरान मसूद ने पलटवार किया. उन्होंने कहा, "फतवा सिर्फ धार्मिक मामलों में जारी होता है. जब धार्मिक सरगर्मियों में गड़बड़ी होती है, तभी मुफ्ती फतवा जारी करते हैं. गिरिराज सिंह को फतवों की कोई जानकारी नहीं है. जिस धर्म में मांसाहार वर्जित है, वहां अगर कोई सनातनी मांस बांट रहा है, तो ऐसे अज्ञानी शख्स की बात का क्या जवाब दिया जाए? उन्हें सनातन धर्म का ज्ञान ही नहीं है. वह खुशी-खुशी मांस का ब्रांड एम्बेसडर बन बैठे हैं."