कर्नाटक में अल्पसंख्यकों के लिए चार फीसदी आरक्षण, सत्तासीन भारतीय जनता पार्टी जनता पार्टी के जरिये संसद में निलंबित किए गए सांसदों का मुद्दा और वक्फ बोर्ड संशोधन विधेयक को लेकर सियासी घमासान मचा हुआ है.
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Karnataka News Today: कर्नाटक में अल्पसंख्यकों के लिए चार फीसदी आरक्षण, सत्तासीन भारतीय जनता पार्टी जनता पार्टी के जरिये संसद में निलंबित किए गए सांसदों का मुद्दा और वक्फ बोर्ड संशोधन विधेयक को लेकर सियासी घमासान मचा हुआ है. इन मुद्दों पर कांग्रेस सांसद सैयद नसीर हुसैन ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए बीजेपी को आड़े हाथों लिया.
कांग्रेस सांसद सैयद नसीर हुसैन ने कर्नाटक में सरकारी ठेके में अल्पसंख्यकों को चार फीसदी आरक्षण दिए जाने पर कहा कि कर्नाटक में पिछले 25 सालों से आरक्षण व्यवस्था लागू है, जिसमें एससी, एसटी, ओबीसी, बैकवर्ड क्लास, मोस्ट बैकवर्ड क्लास और अल्पसंख्यक समुदायों को आरक्षण का लाभ मिल रहा है. यह कोई नया आरक्षण नहीं है.
सांसद सैयद नसीर हुसैन ने इस व्यवस्था का समर्थन करते हुए कहा, "यह कदम शोषण और आर्थिक पिछड़ेपन के आधार पर उठाया गया है, ताकि समाज के हर वर्ग को समान अवसर मिल सके." उन्होंने कर्नाटक सरकार के जरिये अब आरक्षण को और विस्तृत करने का स्वागत किया, जिसमें सरकारी ठेके में दो करोड़ रुपये तक के ठेके पर आरक्षण देने का फैसला लिया गया है. इसके साथ ही बैकवर्ड क्लास और अल्पसंख्यकों को भी इस व्यवस्था का लाभ दिया जा रहा है, जिससे वे देश के विकास में सक्रिय रूप से शामिल हो सकें.
इसके अलावा सैयद हुसैन नसीर ने विधानसभा में भारतीय जनता पार्टी के 18 विधायकों को छह महीने के लिए निलंबित किए जाने पर भी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने पूछा कि बीजेपी ने कितने सांसदों को निलंबित किया था. केंद्र सरकार पर तंज कसते हुए सैयद हुसैन नसीर याद दिलाया कि किसानों के काले कानून के विरोध में 12 सांसदों को निलंबित किया गया था, वहीं सुरक्षा कारणों से 56 सांसदों को निलंबित किया गया था. उन्होंने बीजेपी से सवाल पूछा कि इस पर उनकी क्या राय है?
वक्फ बोर्ड संशोधन विधेयक पर भी सैयद नसीर हुसैन ने अपनी पार्टी का रुख स्पष्ट किया. उन्होंने इसे "अनफेयर" और "लक्षित विधेयक" करार देते हुए कहा कि यह संविधान और अल्पसंख्यक संस्कृति को कमजोर करने की कोशिश है. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार संविधान को धीरे-धीरे बदलने की कोशिश कर रही है और यह विधेयक इसी प्रक्रिया का हिस्सा है.
शिवाजी स्मारक को लेकर कांग्रेस सांसद सैयद नसीर हुसैन ने बड़ा बयान दिया. उन्होंने कहा कि ऐतिहासिक व्यक्तियों और स्थानों पर विचार करते समय हमें उनके योगदान को समझना चाहिए. उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में विश्वास रखते हुए, स्थानीय सरकार को फैसले लेने का अधिकार होना चाहिए, जिससे वे अपने क्षेत्र की जरूरतों के अनुसार फैसले ले सकें.