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Delhi News Today: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की 100 साल की यात्रा को त्याग, निस्वार्थ सेवा, राष्ट्र निर्माण और अनुशासन की मिसाल बताया था. पीएम मोदी के इस बयान पर कांग्रेस सांसद तारिक अनवर ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि वास्तविकता इसके बिल्कुल उलट है और RSS का देश की आजादी की लड़ाई में कोई योगदान नहीं रहा है.
तारिक अनवर ने मीडिया से बातचीत में कहा, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद RSS से आते हैं और संघ की तारीफ करना उनका फर्ज बनता है. लेकिन सच यह है कि RSS का भारत की आजादी में कोई योगदान नहीं रहा. यह एक ऐसा संगठन है जिसका सोसायटी एक्ट के तहत रजिस्ट्रेशन तक नहीं है." कांग्रेस नेता ने कहा, "उन्हें यह बताना चाहिए कि आखिर उन्हें कहां से और कैसे फंडिंग मिलती है. बड़े दुख की बात है कि प्रधानमंत्री इस तरह के संगठन को ऐसे पेश कर रहे हैं, मानो देश की आजादी और निर्माण में उनकी बड़ी भूमिका रही हो."
कांग्रेस सांसद तारिक अनवर ने दावा किया कि आजादी की लड़ाई में RSS का समर्थन ब्रिटिश हुकूमत के साथ रहा था. उन्होंने कहा, "प्रधानमंत्री जो चाहे कह सकते हैं, लेकिन हकीकत और इतिहास को छिपाया नहीं जा सकता. आजादी की लड़ाई के वक्त जब हमारे स्वतंत्रता सेनानी अपनी जान कुर्बान कर रहे थे, उस समय RSS के लोग अंग्रेजों के साथ खड़े थे और उनकी मदद कर रहे थे."
दिल्ली के सरकारी स्कूलों में RSS को सिलेबस में शामिल करने के फैसले की भी तारिक अनवर ने आलोचना की. उन्होंने कहा, "अगर RSS का कोई वास्तविक योगदान होता तो उसे जरूर पढ़ाया जाना चाहिए, लेकिन मेरा मानना है कि देश में सांप्रदायिक माहौल बिगाड़ने और समाज को बांटने में RSS की बड़ी भूमिका रही है." उन्होंने सवाल किया कि आप अगर RSS जैसे संगठन को पढ़ाते हैं तो नई पीढ़ी को आप क्या संदेश देना चाहते हैं?
इसके अलावा बिहार SIR को लेकर भी तारिक अनवर ने बड़ा बयान दिया. कांग्रेस नेता ने कहा कि उनकी पार्टी इस पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है. उन्होंने कहा, "आयोग ने जो सूची जारी की है, हम उसका अध्ययन कर रहे हैं. अच्छी बात यह है कि सुप्रीम कोर्ट ने इस पर संज्ञान लिया है और साफ कहा है कि अगर इसमें कोई गड़बड़ी पाई गई तो पूरी लिस्ट को खारिज किया जा सकता है."