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Uttar Pradesh News: हिंदू समुदाय का पवित्र त्योहार जन्माष्टमी के दिन एक मुस्लिम पुलिस वाले के जरिए वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर पोस्ट करने से बवाल खड़ा हो गया. प्रशासन के आला अफसरों ने तत्काल कार्रवाई करते हुए उस मुस्लिम पुलिस सिपाही को लाइन हाजिर कर दिया.
दरअसल, यह मामला उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद का है. यहां थाना मधुबन के बापूधाम में तैनात एक मुस्लिम सिपाही, जिसका नाम सुहैल खान है, उन्होंने जन्माष्टमी के अवसर पर मंदिर में खड़े होकर एक वीडियो बनाया और सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दिया. यह वीडियो देखते ही देखते वायरल हो गया और विवाद खड़ा हो गया. हिंदूवादी संगठन के लोगों ने सिपाही सुहैल खान के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है.
सिपाही सुहैल पर इल्जाम है कि उन्होंने मंदिर में एक वीडियो बनाया, जिसके बैकग्रउंड म्यूजिक के साथ एक संदेश जोड़ा, जिसमें कहा जा रहा था कि 'अल्लाह ही इबादत के लायक है और कोई इबादत के लायक नहीं है.' इस वीडियो के वायरल होने पर लाजिमी विवाद तो होना ही था. गाजियाबाद पुलिस कमिश्नर ने विवाद को बढ़ता देख तत्काल कार्रवाई करते हुए सिपाही सुहैल को लाइन हाजिर (सस्पेंड) कर दिया.
पुलिस के आला अफसरों का कहना है कि किसी भी तरह का धार्मिक तनाव न फैले, इसके लिए फौरन यह कदम उठाया गया. इस घटना को लेकर हिंदूवादी संगठन 'हिंदू रक्षा दल' ने भी नाराज़गी जाहिर की है. संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष पिंकी चौधरी ने एक्स (ट्विटर) के माध्यम से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, पुलिस और वरिष्ठ अधिकारियों को टैग कर मुल्जिम सिपाही के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है.
गौरतलब है कि पुलिस प्रशासन की जिम्मेदारी कानून व्यवस्था को बनाए रखने और लागू करने की है, न कि धार्मिक प्रचार-प्रसार करने की. किसी भी सरकारी ओहदे पर रहते या ड्यूटी के दौरान इस तरह की हरकत करना न सिर्फ कानून के खिलाफ है बल्कि नैतिक आधार पर भी यह गलत है.