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Bihar Assembly Election 2025: बिहार में विधानसभा चुनाव की सरगर्मियों के बीच 'महागठबंधन' के घटक दलों ने विवादित वक्फ संशोधन कानून का मुद्दा उठाया. वर्तमान में वक्फ संशोधन कानून का मुद्दा का सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है, जबकि कुछ राज्यों ने इस पर कोर्ट का आदेश आने तक पूरी तरह से रोक लगा दिया है. इस ऐलान के बाद गुलाबी ठंडक में बिहार का सियासी पारा उफान पर पहुंच चुका है.
सीपीआई(एमएल) लिबरेशन के महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य ने इतवार (26 अक्टूबर) को कहा कि अगर बिहार में विधानसभा चुनावों में इंडिया गठबंधन सत्ता में आती है तो विवादित वक्फ संशोधन अधिनियम को लागू नहीं होने दिया जाएगा. जिसका उनकी पार्टी भी हिस्सा है.इस दौरान इंडिया गठबंधन के दूसरे नेता भी मौके पर मौजूद थे.
दीपांकर भट्टाचार्य ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, "पार्टी ने अपना 'घोषणा पत्र परिवर्तन संकल्प पत्र' जारी किया. उन्होंने कहा, "हम यह सुनिश्चित करेंगे कि वक्फ संशोधन कानून बिहार में लागू न हो." दीपांकर भट्टाचार्य ने कहा, "हम हाल के समय में लाए गए उन सभी कानूनों के प्रति भी यही रवैया अपनाएंगे जो संविधान और संघीय ढांचे के खिलाफ हैं."
सीपीआई(एमएल) लिबरेशन नेता ने 2016 अप्रैल से लागू नशा निषेध कानून (शराब बंदी कानून) को भी भद्दा मजाक बताया. उन्होंने कहा कि अगर इंडिया गठबंधन की सरकार बनेगी, तो इस पर भी गहराई से समीक्षा की जाएगी. भट्टाचार्य ने कहा कि अल्पसंख्यकों के अधिकारों की सुरक्षा, वक्फ संपत्तियों की सुरक्षा, सच्चर कमेटी की सिफारिशों को लागू करना, सांप्रदायिक हिंसा और नफरत भरे भाषणों पर तुरंत कार्रवाई करना हमारे संकल्प पत्र की अहम वादे हैं.
दीपांकर भट्टाचार्य ने साफ कहा कि "अगर हम सत्ता में आते हैं, तो वक्फ संशोधन कानून लागू नहीं करेंगे. यह हमारी पार्टी के घोषणापत्र में है." उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि पिछले दो दशकों से सत्ता में रही बीजेपी-जेडीयू सरकार से सत्ता से बेदखल किया जाए. उन्होंने कहा, "हम बिहार को इंसाफ, समानता और लोकतंत्र की मजबूत नींव पर खड़ा करेंगे, ताकि विकास का फायदा वंचित समुदायों तक पहुंचे."
दीपांकर भट्टाचार्य ने दावा किया कि उनकी सरकार आने पर प्रदेश के हर भूमिहीन और बेघर परिवार को ग्रामीण इलाकों में पांच डिसमिल जमीन और शहरी इलाकों में तीन डिसमिल जमीन मिलेगी, साथ ही एक पक्का मकान भी दिया जाएगा. यह हमारे संकल्प पत्र का हिस्सा है." उन्होंने आगे कहा, "हम सरकारी खरीद में सभी फसलों की गारंटी देंगे. जिससे किसानों और ग्रामीण मजदूरों को उचित मुआवाज मिले."
किसानों को लेकर भी सीपीआई(एमएल) लिबरेशन के महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य ने बड़ा ऐलान किया है. उन्होंने कहा कि महागठबंधन की सरकार बनने पर खेती के लिए मुफ्त बिजली, हर खेत तक पानी की सुविधा,नहरों का आधुनिकीकरण और कृषि मंडियों की दोबारा स्थापित किया जाएगा. यह अवाम से किए गए वादों में शामिल है."
सीपीआईएम लिबरेशन के सुर में सुर मिलाते हुए आरजेडी नेता और महागठबंधन के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार तेजस्वी यादव ने कटिहार में एक बड़ा बयान दिया. उन्होंने कहा कि अगर बिहार में महागठबंधन की सरकार बनी, तो केंद्र सरकार के जरिये पारित वक्फ संशोधन अधिनियम को कूड़ेदान में फेंक दिया जाएगा.
तेजस्वी यादव का यह बयान कटिहार के मुस्लिम बहुल इलाके में आयोजित एक चुनावी सभा के दौरान आया, जहां उन्होंने केंद्र की नीतियों और राज्य में शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के मुद्दे पर एनडीए सरकार को घेरा, उन्होंने कहा कि बीजेपी सबसे ज्यादा लालू यादव से डरती है. इसलिए अगर हम सत्ता में आते हैं तो वक्फ समेत जो भी बिल केंद्र से पास हुए हैं, उन सभी को कुड़ेदान में फेंक दिया जाएगा.