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Cuttack Violence Update: ओडिशा के कटक जिले में हाल ही में हुई हिंसा के मामले में पुलिस ने सोमवार (6 अक्टूबर) का ताबड़तोड़ कार्रवाई की. हिंसा फैलाने के मामले में कटक पुलिस ने हिंदूवादी संगठन विश्व हिंदू परिषद (VHP) के 8 कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया है. पुलिस ने कहा कि इस मामले में आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी. पुलिस ने कहा कि सीसीटीवी फुटेज की मदद से उपद्रवियों की पहचान की जा रही है और इसके आधार पर शहर के अलग-अलग इलाकों में छापेमारी की जा रही है.
इस कार्रवाई के संबंध में पुलिस कमिश्नर एस. देवदत्त सिंह ने जानकारी दी कि इतवार को VHP के कार्यकर्ताओं के जरिये पुलिस पर किया गाय था. इस हमले के संबंध में तीन मामले दर्ज किए गए हैं. उन्होंने बताया कि अब तक आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया है. VHP के कार्यकर्ताओं के हमले में घायल 25 लोगों में सीनियर पुलिस अधिकारी अमरेंद्र पांडा और कटक के डीसीपी किशोर कुमार जैन भी शामिल हैं.
इंकलाब में छपी रिपोर्ट के मुताबिक, हिंसा की शुरुआत शनिवार (4 अक्टूबर) की सुबह हुई जब कटक के दरगाह बाजार क्षेत्र में हाथी पोखरी के पास दुर्गा विसर्जन जुलूस के दौरान तेज आवाज में गाने बजाए जा रहे थे. इस दौरान मौके पर स्थानीय लोगों ने गाने की आवाज थोड़ा कम करने की अपील की, जिससे किसी को परेशानी न हो. यह सुनकर विसर्जन में शामिल लोग भड़क गए और हालात बिगड़ गए.
विश्व हिंदू परिषद के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने पुलिस पर आरोप लगाया गया कि वह जुलूस पर हुए हमले को रोकने में नाकाम रही. इसके बाद विश्व हिंदू परिषद ने सोमवार को 13 घंटे के बंद का आह्वान किया. बंद के दौरान वीएचपी कार्यकर्ताओं ने मोटरसाइकिल रैली निकाली, लेकिन जब यह रैली संवेदनशील इलाकों में पहुंची तो पुलिस ने इसे रोक दिया. पुलिस के रोकने पर VHP कार्यकर्ता भड़क गए और पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया.
मिली जानकारी के मुताबिक, VHP कार्यकर्ताओं की भीड़ बेकाबू होकर पुलिस पर पथराव करने लगी. जिसमें सीनियर पुलिस अधिकारियों के साथ कई लोग घायल हो गए. पुलिस स्थिति को नियंत्रित करने के लिए लाठीचार्ज करना पड़ा. भीड़ को काबू में करने के लिए आंसू गैस और रबर बुलेट का इस्तेमाल किया. इस दौरान गौरीशंकर पार्क क्षेत्र में कई दुकानों में VHP कार्यकर्ताओं ने तोड़फोड़ की और कुछ को आग के हवाले कर दिया.
हिंदूवादी संगठनों का सुबह 4 बजे से शुरू हुए बंद का ज्यादा असर दिखाई नहीं पड़ा. कई इलाकों में दुकानें बंद रहीं, जबकि कुछ जगहों पर सामान्य गतिविधियां जारी रही. सरकारी दफ्तर और शैक्षणिक संस्थान खुले रहे, लेकिन वहां उपस्थिति बेहद कम रही. पुलिस अधिकारी ए.के.पी. नर्सिंह भोल ने बताया कि हालात संभालने के लिए राज्य पुलिस के 1,800 जवानों के अलावा केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल और ओडिशा स्विफ्ट एक्शन फोर्स के करीब 800 जवान तैनात किए हैं.
पुलिस संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार गश्त कर रही है. अधिकारियों ने कहा कि बाहरी लोगों को कटक शहर में एंट्री करने की इजाजत नहीं है. शहर के सभी प्रवेश मार्गों पर नाकेबंदी की गई है ताकि किसी भी संदिग्ध या समाजविरोधी तत्व की सरगर्मियों पर नजर रखी जा सके. एडीजी (लॉ एंड ऑर्डर) संजय कुमार ने कहा कि अब तक किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं है, लेकिन सभी एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं.
एडीजी संजय कुमार के मुताबिक, वरिष्ठ अधिकारी हालात पर लगातार नजर रखे हुए हैं और साफ निर्देश दिए गए हैं कि कानून हाथ में लेने वाले किसी भी शख्स पर तुरंत कार्रवाई की जाए. प्रशासन ने जानकारी दी कि शहर के 20 थाना क्षेत्रों में से 13 इलाकों में मंगलवार सुबह 10 बजे तक 36 घंटे के लिए निषेधाज्ञा (धारा 163) लागू कर दी गई है. इन इलाकों में भीड़ जुटने पर रोक लगा दी गई है और सख्ती से कानून-व्यवस्था बनाए रखने की कोशिश की जा रही है.