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Journalist Danish Siddiqui: पुलित्जर पुरस्कार विजेता भारतीय फोटो पत्रकार दानिश सिद्दीकी की मौत के मामले में दानिश सिद्दीकी फाउंडेशन ने भारत सरकार से न्याय दिलाने में मदद की अपील की है. फाउंडेशन ने कहा कि अफगानिस्तान के विदेश मंत्री आमिर खान मुत्तकी की भारत यात्रा इस मामले को उठाने का एक अहम मौका है.
फाउंडेशन ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए कहा,"जब तालिबान के विदेश मंत्री भारत का दौरा कर रहे हैं, हम एक बार फिर न्याय की मांग करते हैं. दानिश सिद्दीकी, एक पुलित्जर पुरस्कार विजेता भारतीय पत्रकार, 2021 में अफगानिस्तान में रिपोर्टिंग के दौरान तालिबान द्वारा पकड़कर, प्रताड़ित कर मार दिए गए थे."
फाउंडेशन ने कहा कहा,"हम भारत सरकार से अपील करते हैं कि वह अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायालय (ICC) और संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (UNHRC) की जवाबदेही प्रक्रिया के जरिए से न्याय दिलाने में सहायता करें. यह दौरा तालिबान को अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून के तहत अपनी जिम्मेदारियों की याद दिलाने और स्वतंत्र जांच में सहयोग करने के लिए प्रेरित करने का अवसर भी है."
दानिश सिद्दीकी रॉयटर्स के फोटो जर्नलिस्ट थे, जिन्हें 10 मई 2022 को पुलित्जर पुरस्कार से मरणोपरांत सम्मानित किया गया था. उन्हें यह पुरस्कार अदनान आबिदी, सना इरशाद मट्टू और अमित दवे के साथ कोविड-19 महामारी के दौरान भारत में खींची गई तस्वीरों के लिए दिया गया था, सिद्दीकी की जुलाई 2021 में अफगान स्पेशल फोर्सेस और तालिबान के बीच मुठभेड़ को कवर करते वक्त मार दिया गया था.
बाद में, 22 मार्च 2022 को दानिश सिद्दीकी के माता-पिता ने नीदरलैंड्स के हेग में मौजूद अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायालय (ICC) में तालिबान के टॉप लीडर्स के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी. आइये जानते हैं कौन हैं वे लोग
- हिबतुल्लाह अखुंदजादा (तालिबान सर्वोच्च कमांडर),
- हसन अखुंद (तालिबान नेतृत्व परिषद के प्रमुख),
- अब्दुल गनी बरादर (तालिबान के राजनीतिक कार्यालय, कतर के प्रमुख),
- मुहम्मद याकूब मुजाहिद (रक्षा मंत्री),
- गुल आगा शेरजई (कंधार प्रांत के गवर्नर),
- जबीहुल्लाह मुजाहिद (तालिबान प्रवक्ता)
रिपोर्ट्स के मुताबिक, 16 जुलाई 2021 को दानिश सिद्दीकी अफगान विशेष बलों के साथ स्पिन बोल्डक में रिपोर्टिंग कर रहे थे, इसी दौरान उन पर अटैक किया गया और वह घायल हो गए. उन्हें इलाज के लिए एक मस्जिद में ले जाया गया, जो ऐतिहासिक रूप से शरण स्थल मानी जाती है, लेकिन वहां भी तालिबान ने हमला कर दिया. इसके बाद उन्हें पकड़ लिया गया, यातनाएं दी गईं और हत्या कर दी गई.
रिपोर्ट्स के मुताबिक, तालिबान की रेड यूनिट ने उन पर हमला किया था. हत्या के बाद उनकी लाश को काफी बुरी तरह क्षत-विक्षत किया गया और एक भारी वाहन से कुचल दिया गया. उनके शरीर पर 12 गोलियों के निशान और यातना के साफ संकेत मिले, जबकि उनकी बुलेटप्रूफ जैकेट पर कोई गोली का निशान नहीं था.