Muslims Protest against Waqf Amendment Act: देश में हालिया दिनों वक्फ अमेंडमेंट एक्ट लागू होने के बाद इसके खिलाफ पूरे देश में प्रदर्शन हो रहा है. अब इस कानून के खिलाफ तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद में प्रदर्शन शुरू हो गया है. इस विरोध प्रदर्शन में बड़ी संख्या लोग शामिल हुए और सरकार से वक्फ कानू्न वापस लेने की मांग की.
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Hyderabad News Today: वक्फ अमेंडमेंट एक्ट पर सुप्रीम कोर्ट ने अंतरिम रोक लगा दी. इस कानून के खिलाफ विरोध का दायरा बढ़ता जा रहा है. अब हैदराबाद के दारुस्सलाम में वक्फ कानून के खिलाफ एक विशाल जनसभा आयोजित की गई. जिसकी अगुवाई ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (AIMPLB) के अध्यक्ष मौलाना खालिद सैफुल्लाह रहमानी ने की.
AIMPLB के जरिये बुलाई गई इस सभा में बड़ी तादाद में लोगों ने शिरकत की और वक्फ संपत्तियों की हिफाजत के लिए आवाज बुलंद की. इस विरोध प्रदर्शन के दौरान ऑल इंडिया मजलिस इत्तेहादुल मुस्लिमीन के प्रमुख और हैदराबाद सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने लोगों से अपने मोबाइल की लाइट जलाने का आग्रह किया. उन्होंने कहा कि इस लाइट के जरिये मुल्क के लोगों को वक्फ कानून के खिलाफ एक पैगाम देना चाहते हैं.
इस प्रदर्शन का आयोजन AIMIM के मुख्यालय दारुस्सलाम में आयोजित किया गया था. जनसभा में बड़ी संख्या में हर आयु वर्ग के लोग शामिल हुए और उन्होंने अपने मोबाइल की लाइट जलाकर और तिरंगा लहराकर वक्फ कानून का विरोध किया और सरकार से इसे वापस लेने की मांग की.
वक्फ अमेंडमेंट एक्ट 2025 के खिलाफ आयोजित जनसभा में AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोला. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर के पैरों की धूल के भी लायक नहीं हैं. ओवैसी ने दरुस्सलाम में भारी भीड़ को संबोधित करते हुए कहा कि देश की जनता इस कानून के खिलाफ उसी तरह संघर्ष करेगी, जैसे किसानों ने तीन कृषि कानूनों को वापस करवाया था.
AIMIM प्रमुख ने वक्फ कानून में बदलाव को मुसलमानों के धार्मिक और सामाजिक अधिकारों पर हमला बताया. उन्होंने चेतावनी दी कि इस कानून की वजह से उत्तर प्रदेश में पहले ही 500 वक्फ संपत्तियों को सरकारी संपत्ति घोषित किया जा चुकी है और यही हाल पूरे देश में किया जा सकता है. असदुद्दीन ओवैसी इसे संविधान और अल्पसंख्यकों की धार्मिक आजादी के खिलाफ साजिश करार देते हुए केंद्र सरकार को चेतावनी दी कि मुस्लिम समाज इस कानून को किसी भी सूरत में कुबूल नहीं करेगा.
जनसभा में AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि उनकी पार्टी ने तीन तलाक और बाबरी मस्जिद जैसे मामलों में सुप्रीम कोर्ट के फैसलों का सम्मान किया, लेकिन उन्हें अचूक (Infallible) नहीं माना. ओवैसी ने कहा, "हम फैसलों का सम्मान इसलिए करते हैं क्योंकि हम संवैधानिक नैतिकत मूल्यों में यकीन करते हैं. आरएसएस संविधान में विश्वास रखने का दिखावा करती है, लेकिन उसकी आत्मा को नहीं अपनाती."
बीजेपी नेताओं जरिये वक्फ संशोधन कानून का विरोध करने वालों को 'धार्मिक युद्ध' की धमकी देने पर असदुद्दीन ओवैसी ने पलटवार करते हुए कहा कि असली युद्ध तो बीजेपी संविधान के खिलाफ लड़ रही है. उन्होंने कहा कि मुस्लिम समाज ने तीन तलाक, नागरिकता संशोधन कानून (CAA) और UAPA जैसे कठोर कानूनों के खिलाफ सबर दिखाया, लेकिन अब एक नया हमला यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) के जरिए हो रहा है.
असदुद्दीन ओवैसी ने आरोप लगाया कि बीजेपी डॉ. अंबेडकर के बनाए गए शरीयत एप्लीकेशन एक्ट को कमजोर कर यूनिफॉर्म सिविल कोड लाकर मुस्लिम पर्सनल लॉ को खत्म करना चाहती है. उन्होंने कहा, "भारत की सुंदरता नरेंद्र मोदी नहीं हैं, बल्कि यहां के मंदिर, मस्जिद, दरगाह और लोगों की आपसी भाईचारा है, जो लोग इन संस्थाओं को कमजोर कर रहे हैं, वो भारत को कमजोर कर रहे हैं."
ओवैसी ने बताया कि संसद की समिति में दाऊदी बोहरा समुदाय ने साफ कर दिया था कि वे इस कानून का हिस्सा नहीं बनना चाहते, फिर भी उन्हें इसमें शामिल कर लिया गया. उन्होंने चेतावनी दी कि वक्फ अमेंडमेंट एक्ट की धारा 2, अंबानी जैसे पूंजीपतियों को वक्फ संपत्तियों का मालिक बना सकती है. उन्होंने मुस्लिम समाज से एकजुट होने की अपील की और कहा कि मुस्लिम समुदाय की उप-जातियों के बीच अविश्वास खत्म करना होगा.
वक्फ कानून के खिलाफ आयोजित प्रदर्शसन को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि जैसे हिंदू एंडॉवमेंट एक्ट और सिख गुरुद्वारा प्रबंधक समिति को विशेष अधिकार हैं, वैसे ही वक्फ संपत्तियों के लिए भी कानून में बराबरी होनी चाहिए. आखिर में सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने मुस्लिम नेताओं को चेताया कि जब वे दुनिया से रुखसत होंगे, तो उन्हें यह जवाब देना होगा कि उनका रहनुमा अल्लाह था या मोदी.