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Dehradun News Today: देव भूमि के नाम से मशहूर उत्तराखंड का शुमार देश के सबसे शांत और हिंसारहित राज्यों में होता था. हालांकि, हालिया कुछ सालों में इस राज्य में देश के अल्पसंख्यक समुदाय निशाने पर है, इसके पीछे काफी हद तक राज्य सरकार भी जिम्मेदार है. आलम यह है कि मुसलमानों को बाहरी बोलकर उन्हें कथित तौर पर डराया धमकाया जा रहा है. कई वजह से नमाज पढ़ने या दूसरे काम करने पर उनके के साथ मारपीट की जाती है.
मुसलमानों के खिलाफ नफरत और हिंसा की घटनाएं राजधानी देहरादून में भी देखने को मिलती है. इसी तरह की एक घटना सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है, जिसमें कुछ हिंदूवादी संगठन सामूहिक नमाज पढ़ने पर मुस्लिम दुकानदारों को डरा धमका रहे हैं. हैरान करने वाली बात यह है कि हिंदूवादी संगठनों की नमाज पर रोक लगाने की वीडियो वायरल होने के बाद भी उत्तराखंड की धामी सरकार और पुलिस ने अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की है.
दअरसल, उत्तराखंड के देहरादून जिले के ऋषिकेश में नमाज पढ़ने को लेकर हिंदूवादी संगठनों बवाल खड़ा कर दिया है. नमाज पढ़ने को लेकर हिंदूवादी संगठन के कुछ पदाधिकारियों ने ऋषिकेश में मुस्लिन दुकानदारों को नमाज पढ़ने को लेकर रोका और आगे ऐसा न करने की चेतावनी दी. इस घटना की वीडियो भी वायरल हो रही है.
वीडियो में देखा जा सकता है कि हिंदू संगठन के लोग एक बुजुर्ग मुस्लिम दुकानदार से पूछताछ कर रहे हैं. हिंदू संगठन का एक शख्स कह रहै हा कि शिकायत मिली है कि बाहर के लोग आकर मंडी में नमाज पढ़ते हैं, ऐसा नहीं होना चाहिए. इसी मामले को लेकर 10 अक्टूबर को हिंदूवादी संगठन के कुछ सदस्यों ने मंडी में नमाज पढ़ रहे एक मुस्लिम नौजवान को रोक दिया और उसे धमकाते हुए वहां नमाज न पढ़ने की चेतावनी दी थी.
हिंदू संगठन के पदाधिकारियों ने शोएब नाम के नौजवान का कान छिदा हुआ देखकर हंगामा खड़ा कर दिया. उन्होंने पीड़ित नौजवान पर हिंदू लड़कियों को फंसाने आरोप लगाया और 'छिदे हुए कान' को इसका सबूत बताया. उन्होंने दावा किया कि वह पहले भी 'लव जिहाद' करते हुए जिम में पकड़ा गया था. साथ ही उन्होंने नौजवान का लाइसेंस रद्द करने की मांग कर अल्पसंख्यकों को धमकी भी दी.