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दिल्ली ब्लास्ट केस में इमाम की बीवी के बयान ने बढ़ाई हलचल, कहा- अल फलाह यूनिवर्सिटी के डॉ. दूध और...

Al Falah University Masjid Imam Role Delhi Blast Case: दिल्ली कार ब्लास्ट केस में अल फलाह यूनिवर्सिटी के स्टाफ और इमाम इश्तियाक की गिरफ्तारी के बाद जांच तेज हो गई है. मस्जिद के इमाम की बीवी ने कैमरे के सामने कई खुलासे किए हैं. भारी मात्रा में विस्फोटक मिलने से एजेंसियों ने यूनिवर्सिटी और आरोपी इमाम पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है.

 

अल फलाह यूनिवर्सिटी के मस्जिद के इमाम की बीवी का बड़ा खुलासा
अल फलाह यूनिवर्सिटी के मस्जिद के इमाम की बीवी का बड़ा खुलासा

Al Falah University News Today: केंद्रीय राजधानी दिल्ली में हुए कार ब्लास्ट केस में हर रोज नए खुलासे हो रहे हैं. इस घटना के बाद केंद्रीय जांच एजेंसियां लगातार कार्रवाई कर रही हैं. NIA, ATS और अन्य जांच एजेंसियां अब तक 10 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया है, जबकि पांच सौ से ज्यादा लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है. NIA ने जांच संभालने के बाद इसे आतंकी घटना घोषित किया है. 

कार ब्लास्ट केस में हरियाणा स्थित अल फलाह यूनिवर्सिटी के अधिकारियों और कर्मियों की भूमिका की भी NIA जांच कर रही है. इसी क्रम में अल फलाह यूनिवर्सिटी के मस्जिद के इमाम मोहम्मद इश्तियाक को भी NIA ने गिरफ्तार किया है. जांच एजेंसियां ने ब्लास्ट केस में इमाम पर विस्फोटक सामग्री के भंडारण और आतंकी मॉड्यूल से संदिग्ध कनेक्शन के आरोप लगाया है. 

इमाम की बीवी का चौंकाने वाला खुलासा

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इस बीच अल फलाह यूनिवर्सिटी के मस्जिद के इमाम मोहम्मद इश्तियाक की बीवी हसीना ने कैमरे के सामने कई चौंकाने वाला खुलासा किया है. हसीना ने बताया कि "डॉ. मुजम्मिल ने पहले उसके शौहर से मस्जिद में पहचान बनाई और फिर उनसे दूध खरीदना शुरू कर दिया." इमाम की बीवी ने बताया, "डॉ. मुजम्मिल ने अपने दोस्त का सामान रखने की बात कहकर उनके फतेहपुर तगा वाले घर में कमरा किराए पर लिया था. मुजम्मिल इसके लिए हर महीने 1500 रुपये किराया देता था. कमरे को किराये पर लेने के का मकसद उनसे सामान रखना बताया था. यहीं पर डॉ. मोहम्मद उमर नबी भी रोज मस्जिद में आता था."

बता दें, दिल्ली में लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास हुए ब्लास्ट के बाद जांच एजेंसियों ने फरीदाबाद में अपना डेरा जमाया हुआ है. इन धमाकों में अल फलाह यूनिवर्सिटी सबसे ज्यादा चर्चाओं में है. इसी यूनिवर्सिटी के 2 डाक्टरों डॉ. मुजम्मिल, लेडी डॉक्टर शाहीन सईद, यूनिवर्सिटी की मस्जिद के मौलवी इश्तियाक सहित एचआर विभाग में काम करने वाले जमील को आतंकी सरगर्मियों में शामिल होने की वजह से गिरफ्तार किया गया है.  

पुलिस ने इमाम इश्तियाक के फतेहपुर तगा वाले घर से 2540 किलो विस्फोटक सामग्री बरामद करने का दावा किया है. सामग्री को उस कमरे से बरामद किया गया था, जिसको डॉ मुजम्मिल ने करीब 3 महीने पहले ही किराए पर लिया था. जबकि 360 किलो धौज गांव के एक कमरे से मिला था. धौज के कमरे का 2400 रुपए किराया डॉ. मुजम्मिल ने दिया था.

2005 से मस्जिद में करा रहा इश्तियाक इमामत

यूनिवर्सिटी की मस्जिद के इमाम की बीवी हसीना बताया कि उसके शौहर इश्तियाक मस्जिद में इमामत के लिए दो हजार रुपये सैलरी मिलती थी. हसीना ने बताया कि साल 2008 में उसका इश्तियाक के साथ निकाह हुआ था. वह भीमा पहाड़ी गांव की रहने वाली है. इश्तियाक साल 2005 से यहां आकर रहने लगा था. इमाम की बीवी के मुताबिक, 2005 में यूनिवर्सिटी की तरफ से मस्जिद में रहने और काम करने के लिए इश्तियाक को 2 हजार रुपये महीना मिलता था.

हसीना ने बताया कि उनके 2 बेटियां और 2 बेटे हैं. सबसे बड़ी बेटी की उम्र 16 साल की है, जबकि सबसे छोटे बेटे की उम्र 7 साल है. कथित आरोपी इश्तियाक को हाफिज का दर्जा यानी पूरा कुरान मुंह जुबानी याद है. हसीना ने बताया कि वह करीब 20 साल से यूनिवर्सिटी की इस मस्जिद में नमाज अदा कराते हैं. वह मूलरूप से नूंह के सिंगार गांव के रहने वाले हैं. यूनिवर्सिटी वर्तमान में इश्तियाक को करीब 10 हजार रुपये महीना सैलरी दे रही थी.

डॉ. मुजम्मिल और इमाम का क्या है कनेक्शन?

हसीना ने बताया कि दो-तीन साल पहले उसके शौहर की डॉ. मुजम्मिल से जान-पहचान हुई थी. मुजम्मिल ने करीब 5 महीने पहले इश्तियाक से किराये के लिए कमरे की बात की थी. जिस पर इश्तियाक ने अपने गांव में बने घर के कमरे को किराए पर देने की पेशकश की. जिसका कोई किराया तय नहीं किया गया था. उसने बताया कि मुजम्मिल को घर दिखाकर उसकी चाबी दे दी थी. इसके बाद वो (इश्तियाक) गांव में घर को देखने के लिए नहीं गए. 

इमान की बीवी हसीना ने बताया कि उनके घर से यूनिवर्सिटी के डॉक्टरों को रोजाना 5 से 6 किलो दूध सप्लाई होता था. डॉ. मुजम्मिल भी दूध लेते थे. पिछले करीब 20 दिनों से डॉ. मुजम्मिल दूध लेने के लिए नहीं आ रहा था. बताया जा रहा है कि इस दौरान डॉ. मुजम्मिल छुट्टी लेकर पुलवामा गया था.

अल फलाह यूनिवर्सिटी पर जिला प्रशासन ने कसा शिकंजा

हसीना ने बताया कि कई साल पहले उन्होंने 2 हजार रुपए प्रति गज के हिसाब से फतेहपुर तगा में 100 गज जमीन खरीदी थी. साल 2012 में उन्होंने इस मकान का निर्माण कराया था. 10 नवंबर को उसके शौहर सुबह 6 बजे खेतों में काम करने गए थे, बाद में वह खुद भी खेत गई थी. खेत में कुछ देर काम करने के बाद वह सुबह साढ़े दस बजे घर लौटी ही थी, इसी दौरान पुलिस की 10 से 12 गाड़ियां आईं और इश्तियाक को अपने साथ ले गईं.

अल फलाह यूनिवर्सिटी के स्टाफ का कथित कनेक्शन सामने आने के बाद जांच एजेंसियों ने बड़े पैमाने पर कार्रवाई शुरू कर दी है. प्रशासन ने यूनिवर्सिटी की जमीनों की जांच के आदेश दिए हैं. इसके तहत जमीन की पैमाइश शुरू कर दी गई है. इससे पहले शुक्रवार को रेवेन्यू विभाग के कर्मचारी पहुंचे थे. इसके साथ डीटीपी विभाग की टीम भी यूनिवर्सिटी पहुंची थी. रेवेन्यू विभाग के पटवारियों के जरिये मशीन लगाकर पैमाइश की जा रही है. अल-फलाह यूनिवर्सिटी 73 एकड़ में बनी हुई है.

बताया जा रहा है कि पिछले साल मई में आरोपी डॉ. उमर ने नौकरी जॉइन की थी. जबकि दिल्ली ब्लास्ट में कार में विस्फोट करके खुद को उड़ाने वाले डॉ. उमर नबी ने 7 मई 2024 को अल फलाह यूनिवर्सिटी में जॉइन किया था. डॉ.नबी भी रोजाना मस्जिद में नमाज अदा करने आता था. डॉ. नबी 30 अक्तूबर से यूनिवर्सिटी से गायब था और 10 नवंबर को लाल किला के सामने कार में विस्फोट करने में उसका हाथ बताया जा रहा है.

जांच की आवाजाही से यूनिवर्सिटी छात्रों में दहशत

जांच एजेंसियों की अल फलाह यूनिवर्सिटी की जांच शुरू करने और लगातार अधिकारियों की आवाजाही की वजह से यूनिवर्सिटी में पढ़ने वाले छात्र दहशत में हैं. फिलहाल यूनिवर्सिटी खाली हो गई है. डॉक्टर भी कम दिखाई पड़ रहे हैं. शुक्रवार को अल फलाह यूनिवर्सिटी के काफी स्टूडेंट्स घर लौट गए. हालांकि वीक एंड पर कई बच्चे घर चले जाते हैं, लेकिन इस बार यह संख्या ज्यादा है. यूनिवर्सिटी कैंपस में लगातार जांच एजेंसियों की आवाजाही है. कई पेरेंट्स खुद बच्चों को लेने पहुंच रहे हैं.  

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