AL Falah University: अल-फलाह यूनिवर्सिटी का दिल्ली बम ब्लास्ट मामले में बयान आया है. यूनिवर्सिटी का कहना है कि उनका आरोपियों से कोई ताल्लुक नहीं है और वह केवल यहां काम किया करते थे.
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AL Falah University: अल-फलाह यूनिवर्सिटी ने बम धमाके के आरोपियों से किसी भी तरह के संबंध से किया इनकार किया है. यूनिवर्सिटी ने कहा कहा है कि भ्रामक खबरों से संस्थान की साख को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की जा रही है.
फरीदाबाद में 360 किलोग्राम विस्फोटक बरामदगी के मामले में गिरफ्तार किए गए डॉ. मुज़म्मिल अहमद और डॉ. अदील रदर के मामले में अल-फलाह यूनिवर्सिटी ने बुधवार को बयान जारी कर अपने किसी भी तरह के संबंध से साफ इनकार किया है.
यूनिवर्सिटी की वाइस चांसलर प्रोफेसर डॉ. भूपिंदर कौर आनंद ने अपने बयान में कहा कि यूनिवर्सिटी का आरोपियों से कोई निजी या संस्थागत संबंध नहीं है, सिवाय इसके कि वे विश्वविद्यालय में अपने आधिकारिक पद पर कार्यरत थे. उन्होंने यह भी साफ किया कि विश्वविद्यालय परिसर में किसी भी संदिग्ध रसायन या सामग्री का इस्तेमाल या भंडारण नहीं किया जा रहा है.
बयान में कहा गया, "हम इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना से गहरा दुखी और व्यथित हैं तथा इसकी कड़ी निंदा करते हैं. हमारी संवेदनाएं उन सभी निर्दोष लोगों के साथ हैं जो इन घटनाओं से प्रभावित हुए हैं. हमें यह जानकारी मिली है कि हमारे दो डॉक्टरों को जांच एजेंसियों ने हिरासत में लिया है. हम यह साफ करना चाहते हैं कि विश्वविद्यालय का इन व्यक्तियों से कोई संबंध नहीं है, सिवाय उनके आधिकारिक रूप से काम करने के."
वाइस चांसलर ने कुछ ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर फैल रही भ्रामक खबरों की भी निंदा की. उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय ने यह भी गंभीर चिंता व्यक्त की है कि कुछ ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स जानबूझकर झूठी और भ्रामक कहानियां फैला रहे हैं ताकि संस्थान की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाया जा सके. हम ऐसी सभी अफवाहों और निराधार आरोपों का कड़े शब्दों में खंडन करते हैं.
बयान में आगे कहा गया कि कुछ प्लेटफॉर्म्स के जरिए जिन रासायनिक पदार्थों या सामग्रियों के इस्तेमाल का दावा किया जा रहा है, वह पूरी तरह गलत है. विश्वविद्यालय के किसी भी प्रयोगशाला में ऐसा कोई पदार्थ इस्तेमाल या संग्रहीत नहीं किया जा रहा है. हमारी सभी प्रयोगशालाएं केवल एमबीबीएस छात्रों और अन्य स्वीकृत पाठ्यक्रमों के अकादमिक प्रशिक्षण के लिए उपयोग की जाती हैं. हर गतिविधि सुरक्षा मानकों, कानूनी प्रावधानों और नैतिक दिशानिर्देशों के अनुरूप की जाती है.
इस बीच, फरीदाबाद पुलिस ने उस दावे का खंडन किया है जिसमें कहा गया था कि दिल्ली के लाल किले के पास विस्फोट में इस्तेमाल की गई हुंडई i20 कार पिछले 10 से 11 दिनों से अल-फलाह यूनिवर्सिटी परिसर में खड़ी थी. सोशल मीडिया पर यह दावा फैलने के बाद पुलिस ने स्पष्ट किया कि इस खबर की आधिकारिक पुष्टि नहीं की जा सकती.