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Delhi Blast Case Update: राजधानी दिल्ली में बीते 10 सितंबर को ऐतिहासिक लाल किले के पास हुए धमाके की जांच का दायरा बढ़ता जा रहा है. जांच एजेंसियों के जरिये आरोपियों का लिंक तलाशने के लिए देश के दो अलग-अलग स्थानों से हिरासत में लेकर पूछताछ करने का मामला सामने आया है. जांच एजेंसियों ने सिलिगुड़ी में पूछताछ के बाद जानिसार आलम को छोड़ दिया है, जबकि दिल्ली में चांदनी चौक स्थित फैयाज-उल-नबी मस्जिद से तब्लीगी जमात के कई सदस्यों को हिरासत में लेकर पूछताछ के बाद रिहा कर दिया.
दरअसल, जांच एजेंसियों ने जानिसार आलम नाम के नौजवा को उत्तर दिनाजपुर जिले से एक रिश्तेदार के घर से गिरफ्तार कर लिया था. अधिकारियों ने सिलीगुड़ी ले जाकर गहनता से पूछताछ के बाद उसे छोड़ दिया. बताया जा रहा है कि जानिसार इस समय सिलीगुड़ी में है और जल्द ही उसे घर भेज दिया जाएगा. जानिसार की रिहाई के बाद परिवार ने राहत की सांस ली है.
मिली जानकारी के मुताबिक, जानिसार का एक दोस्त दिल्ली धमाके का आरोपी रहा है. जानिसार का कहना है कि उस आरोपी से उसकी आखिरी बातचीत लगभग एक साल पहले हुई थी. परिवार का दावा है कि जानिसार ने कोई अपराध नहीं किया, इसलिए उसे पूछताछ के बाद छोड़ दिया गया. एजेंसियों ने जानिसार को उत्तर दिनाजपुर के सुरियापुर बाजार इलाके से गिरफ्तार किया था. वह हरियाणा की अल फलाह यूनिवर्सिटी में MBBS का छात्र है.
एनआईए की एक टीम ने उसे शुक्रवार सुबह मेडिकल कॉलेज कैंपस से हिरासत में लिया था. जानिसार का मूल रुप से पंजाब के लुधियाना के रहने वाले हैं, लेकिन उसका पुश्तैनी घर उत्तर दिनाजपुर के डालखोला थाना क्षेत्र के कोनाल गांव में है. उनके पिता तौहीद आलम कई दशक पहले काम के सिलसिले में लुधियाना चले गए थे, लेकिन परिवार का गांव से संपर्क बना हुआ है.
दो दिन पहले जानिसार अपनी मां और बहन के साथ एक रिश्तेदार की शादी में शामिल होने के लिए गांव आया था. वह धमाके वाली रात ट्रेन में सफर कर रहा था और शादी के लिए गांव पहुंचा था. इस घटना के बाद उसका परिवार बेहद परेशान था, लेकिन रिहाई की खबर से उन्हें राहत मिली.
दिल्ली में ताबड़तोड़ कार्रवाई जारी
जांच एजेंसियों इस ब्लास्ट केस की हर एंगल से जांच कर रही हैं. इसी कड़ी में राजधानी दिल्ली में भी कई जगहों पर जांच पड़ताल जारी है. इसी कड़ी में जांच एजेंसियों ने चांदनी चौक स्थित फैयाज-उल-नबी मस्जिद से तब्लीगी जमात के कई सदस्यों को हिरासत में लिया था. जानकारी के मुताबिक, यह वही मस्जिद है जहां कथित आत्मघाती हमलावर डॉक्टर उमर नबी के रुकने की बात सामने आई थी.
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, डॉक्टर उमर की मौजूदगी की संभावना के चलते जमात के सदस्यों से पूछताछ की गई. शुरुआती पूछताछ के बाद सभी को छोड़ दिया गया. पुलिस ने मस्जिद इंतजामिया से मेहमानों के रजिस्टर की जानकारी भी मांगी है. दिल्ली पुलिस के स्पेशल सेल ने इस मामले में एक नई एफआईआर दर्ज की है. हालांकि, मामले की मुख्य जांच एनआईए को सौंप दी गई है. स्पेशल सेल ने यह एफआईआर साजिश के एंगल से आगे की जांच के लिए दर्ज किया है.