Advertisement
trendingNow,recommendedStories0/zeesalaam/zeesalaam3005901

Delhi Blast में बेगुसराय के मुस्लिम शख्स की भी हुई मौत, लाश देख परिवार में मचा कोहराम

Begusarai Man Died in Delhi Blast: बेगुसराय के रहने वाले मोहम्मद लुकमान की भी दिल्ली के लाल किले पर हुए ब्लास्ट में मौत हो गई थी. उनकी लाश को बीती रोज उनके परिवार को सौंपा गया.

Delhi Blast में बेगुसराय के मुस्लिम शख्स की भी हुई मौत, लाश देख परिवार में मचा कोहराम

Begusarai Man Died in Delhi Blast: दिल्ली के लालकिले के पास 10 नवंबर की शाम हुए बम ब्लास्ट में बिहार के बेगूसराय के एक मुस्लिम शख्स की मौत हो गई. इस घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया. शनिवार की रात पोस्टमॉर्टम के बाद शव को बेगूसराय लाया गया, जहां पहुंचते ही मृतक को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग उमड़ पड़े परिवार में कोहराम मच गया.

मोहम्मद लुकमान ज्वैलरी का करते थे काम

मरने वाले की पहचान बेगूसराय के पोखरिया मोहल्ला निवासी मोहम्मद लुकमान के रूप में हुई है, जो मूल रूप से खगड़िया के रहने वाले थे. वे लंबे समय से पोखरिया में किराए के मकान में रहते थे और कचहरी रोड पर आर्टिफिशियल ज्वेलरी की दुकान चलाते थे. ज्वेलरी लाने के लिए ही वे दिल्ली गए थे, जहां ब्लास्ट  हुआ और उनकी मौके पर ही मौत हो गई.

परिजनों के अनुसार, मोहम्मद लुकमान 7 नवंबर को आर्टिफिशियल ज्वेलरी की खरीदारी करने दिल्ली पहुंचे थे. 10 नवंबर को उन्होंने चांदनी चौक मार्केट में सामान खरीदा, पैक करवाया और वहीं छोड़ दिया. इसके बाद वे खाना खाने के लिए निकले थे, तभी बम ब्लास्ट की चपेट में आ गए.

Add Zee News as a Preferred Source

12 नवंबर को मिली परिवार को जानकारी

रिश्तेदार ने बताया कि 12 नवंबर को उनके मोबाइल नंबर पर कॉल किया गया तो किसी अन्य व्यक्ति ने फोन उठाया और बताया कि मोबाइल के मालिक हादसे का शिकार हो गए हैं और अस्पताल में भर्ती हैं. इसके बाद परिवार ने दिल्ली में रहने वाले रिश्तेदारों को जानकारी दी और खोज शुरू की.

छोटे बेटे ने दी जानकारी

13 नवंबर को अस्पताल से उनकी लाश मिली.  पोस्टमॉर्टम और कागजी प्रक्रिया के बाद शुक्रवार की रात शव परिवार को सौंपा गया, जिसके बाद रिश्तेदार शव लेकर बेगूसराय रवाना हुए. मृतक के छोटे बेटे मोहम्मद इमरान ने बताया कि उनके वालिद 7 नवंबर को महानंदा एक्सप्रेस से दिल्ली गए थे. 12 नवंबर को पता चला कि वे लोकनायक अस्पताल में हैं. रिश्तेदार अस्पताल पहुंचे तो वहां उनकी बॉडी रखी मिली. 

उन्होंने बताया कि सदर बाजार से सामान खरीदने के बाद पिता जलेबी खाने चांदनी चौक चले गए थे, तभी बम ब्लास्ट हो गया. इमरान के मुताबिक, परिवार का पूरा खर्च उन्हीं के सहारे चलता था. उनकी मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है.

About the Author
author img
Sami Siddiqui

समी सिद्दीकी उप्र के शामली जिले के निवासी हैं, और 6 से दिल्ली में पत्रकारिता कर रहे हैं. राजनीति, मिडिल ईस्ट की समस्या, देश में मुस्लिम माइनॉरिटी के मसले उनके प्रिय विषय हैं. इन से जुड़ी सटीक, सत्य ...और पढ़ें

TAGS

Trending news