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Delhi Blast Protest: दिल्ली में लाल किले के पास हुए कार ब्लास्ट में 15 लोगों की मौत और कई लोग घायल हो गए थे. इस घटना के खिलाफ दिल्ली स्थित दरगाह ख्वाजा क़ुतुब साहब पर बड़ी संख्या में मुस्लिम समाज के लोग इकट्ठा हुए और हमले की कड़ी निंदा की. प्रदर्शनकारियों ने सरकार से मांग की कि इस हमले के दोषियों को कड़ी से कड़ी सज़ा दी जाए.
प्रदर्शन में मौजूद लोगों ने कहा कि भारतीय मुसलमान देश के साथ खड़े हैं और ऐसी हिंसक गतिविधियों का पूरी तरह विरोध करते हैं. एक प्रदर्शनकारी ने यह भी कहा कि एक पढ़े-लिखे मुसलमान का इस हमले में शामिल होना और भी दुखद है. उन्होंने देश की एजेंसियों की सराहना की कि उन्होंने एक बड़े हमले को रोकने में अहम भूमिका निभाई.
उन्होंने कहा, "हम यहां लाल किले की कार ब्लास्ट में जान गंवाने वालों को श्रद्धांजलि देने और हमले की निंदा करने आए हैं हम चाहते हैं कि सरकार दोषियों को सज़ा दे. एक पढ़े-लिखे मुसलमान का शामिल होना हमें और दुख देता है. मैं देश की एजेंसियों को बधाई देता हूं कि उन्होंने बड़ा हादसा होने से रोक दिया. मेरा संदेश है कि भारतीय मुसलमान भारत के साथ हैं और ऐसी घटनाओं को स्वीकार नहीं करते. हालांकि पढ़े-लिखे मुसलमानों के शामिल होने की बात नई नहीं है, इसका उदाहरण ओसामा बिन लादेन है."
#WATCH | Delhi | People protest against the Delhi car blast incident near Red Fort.
A protestor says, "We have gathered at Dargah Khwajah Qutub Sahab to pay tribute to those who died in the Red Fort car blast, and condemn the attack, demanding the government to punish the… pic.twitter.com/L3oPCek6EL
— ANI (@ANI) November 30, 2025
एक अन्य प्रदर्शनकारी ने कहा कि इस्लाम किसी भी प्रकार की कट्टरता और आतंकवाद का समर्थन नहीं करता. उन्होंने घोषणा की कि आतंकवादियों को कब्रिस्तानों में जगह नहीं दी जाएगी. उन्होंने कहा, "हम यहां हमले की कड़ी निंदा करने आए हैं. इस्लाम कट्टरता और आतंकवाद का समर्थन नहीं करता और हम आतंकवादियों को अपने कब्रिस्तान में जगह नहीं देंगे.
हमने माता-पिता से कहा है कि वे अपने बच्चों पर नज़र रखें. हम हमले में मारे गए लोगों की शांति के लिए दुआ करते हैं. हमारे युवा मुसलमानों को पढ़ना चाहिए, देश को आगे बढ़ाना चाहिए, न कि कट्टरता फैलानी चाहिए.
इसी बीच, पटियाला हाउस स्थित विशेष NIA अदालत ने दिल्ली ब्लास्ट केस में गिरफ्तार चार आरोपियों, डॉ. मुज़म्मिल शकील गनई (पुलवामा, J-K), डॉ. अदील अहमद राथर (अनंतनाग, J-K), डॉ. शाहीन सईद (लखनऊ, U.P.), मुफ्ती इरफ़ान अहमद वगाय (शोपियां, J-K) की NIA कस्टडी 10 दिनों के लिए बढ़ा दी है. NIA ने उनकी रिमांड इसलिए बढ़ाने की मांग की, ताकि ब्लास्ट से जुड़े और पहलुओं की जांच की जा सके और प्रत्येक आरोपी की भूमिका स्पष्ट की जा सके.