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Delhi Blast Update: दिल्ली रेड फोर्ट के पास हुए धमाके के मुख्य आरोपी माने जा रहे डॉक्टर उमर उन नबी को लेकर जांच में बड़ा खुलासा हुआ है. अधिकारियों के मुताबिक, 10 नवंबर को हुए धमाके से पहले उमर ने हरियाणा के नूंह जिले की हिदायत कॉलोनी में 10 दिन तक छिपकर समय बिताया था. इस धमाके में 13 लोगों की मौत हुई थी.
उमर, फरीदाबाद स्थित अल-फला यूनिवर्सिटी में मेडिसिन के प्रोफेसर हैं, वह 30 अक्टूबर को उस समय यूनिवर्सिटी से फरार हो गया, जब उसके सहयोगी डॉक्टर मोजम्मिल अहमद गनई को जम्मू-कश्मीर पुलिस ने गिरफ्तार किया. जांच के मुताबिक, उमर और मोजम्मिल पिछले दो साल से इस कथित टेरर प्लॉट की प्लान कर रहा था.
टीओआई की रिपोर्ट के मुताबिक जांच अधिकारियों का कहना है कि उमर को यूनिवर्सिटी से जुड़े एक इलेक्ट्रीशियन ने हिदायत कॉलोनी में एक कमरा किराए पर दिलाया था. सूत्रों के मुताबिक, मकान मालिक को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है.
मेवात के हवाला नेटवर्क पर भी जांच
पुलिस और NIA मेवात क्षेत्र में चल रहे उस हवाला नेटवर्क की जांच कर रही है जिसे उमर और उससे जुड़े डॉक्टरों के मॉड्यूल द्वारा पैसों के लेनदेन के लिए इस्तेमाल किया जाता था. दो हवाला ऑपरेटरों के वित्तीय रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं. इन सुरागों के बाद नूंह, फरीदाबाद और आसपास के इलाकों में रातभर छापेमारी की गई.
टीमों ने उन क्वार्टर्स की भी तलाशी ली जहां उमर, मुजम्मिल और तीसरे आरोपी डॉक्टर शाहीन शाहिद से जुड़े डॉक्टर रहता था. इसके साथ ही उन छात्रों और इंटर्न्स के कमरों की भी जांच की गई जो इन डॉक्टरों के साथ काम करते थे.
इसी बीच, शुक्रवार रात श्रीनगर के नौगाम पुलिस स्टेशन में धमाका होने के बाद, आधी रात को अल-फला यूनिवर्सिटी में बड़ा सर्च ऑपरेशन चलाया. सूत्रों के अनुसार, 30 से ज्यादा पुलिस और NSG वाहनों का काफिला यूनिवर्सिटी पहुंचा और आसपास के क्षेत्रों में भी तलाशी की. हालांकि, शनिवार को J&K पुलिस ने साफ किया कि नौगाम का विस्फोट दुर्घटनावश हुआ था. बताया गया कि उमर और मुजम्मिल के जरिए कथित तौर पर खरीदे गए विस्फोटक, जिन्हें पिछले रविवार को फरीदाबाद से बरामद किया गया था, उन्हें नौगाम ले जाया गया था.
पुलिस प्रवक्ता यशपाल के मुताबिक, पुलिस टीम 140 धार्मिक स्थलों, 1,700 किरायेदारों, 40 उर्वरक–बीज दुकानों, और करीब 200 गेस्ट हाउस की जांच कर चुकी है.