GTB Hospital Burqa Ban Controversy: केंद्रीय राजधानी दिल्ली में भी इस्लामोफोबिया की घटनाएं सामने आने लगी हैं. इसका ताजा उदाहरण GTB Hospital बना. जहां एक मुस्लिम औरत को गेट पास होने के बावजूद अंदर जाने से महज इसलिए रोक दिया गया, क्योंकि वह बुर्का पहने हुई थी. आरोपी फीमेल सिक्योरिटी गार्ड्स का दावा है कि GTB Hospital ने बुर्के पहनकर अंदर जाने पर पाबंदी लगा दी है. फिलहाल इस मामले में GTB Hospital की तरफ से कोई ऑफिशियल बयान सामने नहीं आया है.
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Delhi News Today: राजधानी दिल्ली में इस्लामोफोबिया का एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है. जिसने देश के सबसे बड़े अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों में डर और दहशत पैदा कर दी. दिल्ली के गुरु तेग बहादुर हॉस्पिटल (GTB Hospital) में एक मुस्लिम औरत को अंदर जाने से सिर्फ इसलिए रोक दिया, क्योंकि वह बुर्का पहने हुए थी. GTB Hospital के सिक्योरिटी गार्ड्स ने पीड़िता और उसके रिश्तेदार के साथ अभद्रता की. इसकी वीडियो भी सामने आई है, जिसमें एक फीमेल सिक्योरिटी गार्ड बुर्का पहनकर अंदर जाने को लेकर नियम बने होने का दावा कर रही है.
बता दें, GTB Hospital का शुमार दिल्ली के चुनिंदा अस्पतालों में होता है. तबस्सुम नाम की पीड़िता भी सुबह अपने परिजनों के साथ अस्पताल पहुंची थी. तबस्सुम के मुताबिक, वह सुबह अपनी देवरानी से मिलने आई थी. तबियत खराब होने की वजह से वह यहां पर एडमिट हैं. अस्पताल के अंदर जाने के लिए तबस्सुम ने गेट पास भी लिया था. जब वह सिक्योरिटी टीम को पास दिखाकर अंदर जाने लगी, तभी उन लोगों ने बुर्का देखकर उसे रोक लिया.
बताया जा रहा है कि सिक्योरिटी की टीम ने सिर्फ पीड़िता तबस्सुम को बुर्का पहनने की वजह से अंदर जाने नहीं दिया, जबकि दूसरे लोगों को आसानी से आवाजाही करने दे रहे थे. तबस्सुम ने बताया कि अस्पताल में कई लोग ऐसे जा रहे थे, जिनके पास गेट पास तक मौजूद नहीं था. मौके पर मौजूद कुछ लोगों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि बुर्के वाली मुस्लिम औरत को भगाने के बाद सिक्योरिटी टीम, जिनमें मेल-फीमेल दोनों शामिल हैं, मजहबी आधार पर आपत्तिजनक और भद्दियां टिप्पणियां कर रहे थे. जिससे समुदाय विशेष के प्रति उनकी मंशा और सांप्रदायिक मानसिकता झलकती थी.
यह घटना सामने आने के बाद पीड़िता के एक रिश्तेदार ने सिक्योरिटी गार्ड से बात करते हुए वीडियो भी बनाई. वीडियो रिकॉर्डिंग करते देख गेट पर तैनात GTB Hospital की सिक्योरिटी टीम इधर उधर हो गई, जबकि एक फीमेल सिक्योरिटी गार्ड इस बात की पुष्टि कर रही है कि तबस्सुम को बस बुर्का पहनने की वजह से रोका गया है. पीड़िता का आरोप है कि GTB Hospital के सिक्योरिटी गार्ड ने दावा किया कि प्रबंधन ने बुर्के पर पाबंदी लगाई है, इसलिए उसे अंदर नहीं जाने दिया जा रहा है.
पीड़िता तबस्सुम ने बताया कि "जब मैंने बताया कि बुर्के को लेकर कोई नियम नहीं है, तो मुझे धमकाने लगीं. इतना ही नहीं दो फीमेल गार्ड जबरन मेरा बुर्का उतारने के लिए दबाव भी बनाने लगीं." तबस्सुम ने बताया कि जब मैंने पूछा कि अस्पताल प्रबंधन ने यह नियम कब बनाया, तो उन्होंने हमारे साथ बदसलूकी की और हमें भगा दिया. इस बारे में GTB Hospital के प्रबंधन से बात करने की कोशिश की गई, लेकिन उनसे कोई संपर्क नहीं हो पाया. अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों का सवाल है कि क्या अब दूसरे राज्यों की तरह दिल्ली में भी मुसलमानों को भेदभाव और हिंसा का सामना करना पड़ेगा.
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