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Delhi News Today: साल 2020 के दिल्ली दंगों के दौरान इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) के कर्मचारी अंकित शर्मा की हत्या के मामले में आरोपी और पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन को आज झटका लगा है. दिल्ली हाईकोर्ट ने गुरुवार (25 सिंतबर) को उनकी जमानत याचिका को खारिज कर दी है. दिल्ली हाईकोर्ट की बेंच ने अपने आदेश में कई अहम आदेश दिए.
दिल्ली हाईकोर्ट की जस्टिस नीना बंसल कृष्णा ने ताहिर हुसैन की याचिका पर सुनवाई करते हुए सख्त टिप्पणी की. उन्होंने कहा कि "यह जमानत याचिका खारिज की जाती है." अदालत ने यह फैसला कथित आरोपी ताहिर हुसैन की गिरफ्तारी और मामले की गंभीरता को ध्यान में रखते हुए सुनाया है.
बता दें, ताहिर हुसैन 2020 के उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों के दौरान हुई हिंसा और IB ऑफिसर की हत्या के मुख्य आरोपियों में शामिल हैं. अब उन्हें जमानत नहीं मिलेगी और जांच प्रक्रिया जारी रहेगी. इस मामले में अदालत ने कानून और सुरक्षा कारणों को प्राथमिकता देते हुए यह फैसला लिया है.
गौरतलब है कि ताहिर हुसैन साल 2020 में उत्तर पूर्वी दिल्ली दंगों के मामलों में मुख्य आरोपियों में से हैं. दिल्ली पुलिस ने उन्हें दंगों का मास्टरमाइंड बताया है. उनके खिलाफ कुल 11 एफआईआर दर्ज हैं, जिनमें अधिकांश उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों से संबंधित हैं. ताहिर हुसैन पर लगे प्रमुख आरोपों में IB ऑफिसर अंकित शर्मा की हत्या, दंगों में सक्रिय भूमिका निभाना और लोगों को भड़काना शामिल है.
इसके अलावा ताहिर हुसैन पर हथियार और विस्फोटक सामग्री जमा करने, पेट्रोल बम और पिस्टल का इस्तेमाल करने, दंगों की साजिश रचने और फंडिंग करने के आरोप हैं. कुछ मामलो में उन्हें सीमित जमानत मिली है, लेकिन UAPA और हत्या जैसे मुख्य मामलों में वे अब भी जेल में हैं. ताहिर हुसैन मार्च 2020 से न्यायिक हिरासत में हैं. वे तिहाड़ जेल में बंद हैं और अक्टूबर 2025 तक उनका जेल का समय 5 साल से ज्यादा हो गया है. जनवरी 2025 में उन्हें सुप्रीम कोर्ट से छह दिन की सशर्त कस्टडी पैरोल मिली थी, लेकिन जमानत नहीं. ताहिर हुसैन सभी आरोपों से इनकार करते हैं और दावा करते हैं कि वे खुद दंगों के शिकार थे.