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I Love Muhammad Poster in JNU: उत्तर प्रदेश के कानपुर से शुरू हुआ 'I Love Muhammad' पोस्टर-बैनर विवाद अब देश के कई हिस्सों में पहुंच चुका है. उत्तर प्रदेश सरकार और कानपुर पुलिस के जरिये मुसलमानों के खिलाफ की गई कार्रवाई के विरोध लगातार अलग-अलग तरह से विरोध देखने को मिल रहा है. वहीं, केंद्रीय राजधानी दिल्ली में स्थित जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (JNU) में भी इस तरह का पोस्टर देखने को मिला है.
मिली जानकारी के मुताबिक, JNU के परिसर में बुधवार (23 अक्टूबर) की देर रात अचानक 'I Love Muhammad' लिखे नारे और पोस्टर मिलने से परिसर में हड़कंप मच गया. यूनिवर्सिटी के कई हिस्सों की दीवारों पर ये नारे और पोस्टर लिखे पाए गए. हालांकि, किसी भी तरह के विवाद को बढ़ने से रोकने के लिए इन्हें तुरंत हटा दिया गया. फिलहालयूनिवर्सिटी के अधिकारी इस मामले की गंभीरता से जांच कर रहे हैं और दोषियों की पहचान करने की कोशिश में जुटे हैं.
अधिकारियों के मुताबिक, यह नारा हाल के हफ्तों में देश के कई हिस्सों में विवादों का केंद्र रहा है. JNU जैसे प्रतिष्ठित और विविध सांस्कृतिक संस्थान में इस तरह के पोस्टर का मिलना बेहद आम बात है. यहां पर अक्सर धार्मिक और सांस्कृतिक सौहार्द को बढ़ावा देने के लिए इस तरह किया जाता रहा है. इसमें सभी धर्म और समुदाय के छात्र-छात्राएं हिस्सा लेते रहे हैं.
हालांकि, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, गुजरात जैसे राज्यों, खासकर जहां पर बीजेपी की सरकार है, में 'I Love Muhammad' पोस्टर-बैनर को लेकर शासन प्रशासन और हिंदू संगठनों की काफी तूल दिया गया है. इसी के मद्देनजर रखते हुए JNU प्रशासन भी काफी सतर्क दिखाई पड़ा और वह भी ऐसे समय में जब यूनिवर्सिटी छात्र संघ (JNUSU) के चुनाव 4 नवंबर को होने वाले हैं. इस घटना के बाद दक्षिणपंथी संगठनों के बीते विरोध को देखते हुए कैंपस में तनाव फैलने की आशंका जताई जा रही है.
पंजाब केसरी की रिपोर्ट के मुताबिक, ABVP जेएनयूएसयू अध्यक्ष वैभव मीणा ने कहा कि यूनिवर्सिटी परिसरों में इस तरह के नारे नहीं लिखे जाने चाहिए. वैभव मीणा ने कहा, "इन नारों ने कई राज्यों में हिंसा और विरोध प्रदर्शनों को जन्म दिया. धार्मिक अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का सम्मान किया जाना चाहिए, लेकिन अगर किसी चीज से सांप्रदायिक सौहार्द बिगड़ने की आशंका है, तो इसे सार्वजनिक स्थानों पर, खासतौर पर यूनिवर्सिटीज में नहीं लगाया जाना चाहिए."
इस मामले पर JNU के दूसरे संगठनों की ओर से फिलहाल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है. यूनिवर्सिटी प्रशासन ने घटना को गंभीरता से लेते हुए सुरक्षा व्यवस्था को कड़ा कर दिया है और छात्रों से शांति बनाए रखने की अपील की है. प्रशासन ने कहा है कि दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.
अधिकारियों का यह भी कहना है कि परिसर में लगे कैमरे और सुरक्षा तंत्र के माध्यम से पूरी घटना की जांच की जा रही है. JNU प्रशासन ने छात्रों और कर्मचारियों को किसी भी तरह की अफवाह से बचने और परिसर में अनुशासन बनाए रखने की हिदायत दी है. साथ ही प्रशासन ने सभी विभागों और छात्र संगठनों से मदद की उम्मीद जताई है ताकि इस मामले को शांतिपूर्ण तरीके से हल किया जा सके.