Supreme Court Hearing on Waqf Act: वक्फ अमेंडमेंट एक्ट पर जारी घमासान के बीच आज सुप्रीम कोर्ट ने इससे जुड़ी याचिकाओं पर सुनवाई की. देश की सर्वोच्च न्यायिक संस्था ने वक्फ कानून से जुड़े कई अहम बिंदुओं पर केंद्र सरकार से सवाल पूछे. कोर्ट ने केंद्र से कहा कि आप ये नहीं कह सकते हैं कि Waqf by User के सारे मामलों में गड़बड़ी ही होती है.
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Supreme Court on Waqf Amendment Act 2025: सुप्रीम कोर्ट ने वक्फ अमेंडमेंट एक्ट 2025 से जुड़ी 72 याचिकाओं पर आज बुधावर (16 अप्रैल) को सुनवाई किया. इस दौरान कोर्ट ने इस कानून से जुड़े कई बिंदुओं पर महत्वपूर्ण टिप्पणी की. कोर्ट ने इस बात के संकेत दिए हैं कि वे वक्फ कानून के कुछ प्रावधानों पर फिलहाल रोक सकती है. इतना ही नहीं कोर्ट ने इसको लेकर अंतरिम आदेश पास करने के भी संकेत दिए हैं.
सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि वह अपने आदेश में इस कानून के तीन पहलुओं को लेकर अहम फैसला दे सकती है. बेंच ने कहा है कि वह इस अंतरिम आदेश में फैसला देगा कि जिन प्रॉपर्टी को कोर्ट के आदेश के जरिये वक्फ घोषित किया जा चुका है, फिर भले ही Waqf by User हो या Waqf by Deed हो, उन्हें नए वक्फ कानून के तहत डिनोटिफाइ नहीं किया जाएगा यानि उनकी स्थिति पहले जैसी बने रहने दी जाए.
सुप्रीम कोर्ट की चीफ जस्टि ऑफ इंडिया संजीव खन्ना, जस्टिस संजय कुमार और जस्टिस के वी विश्वनाथन की बेंच ने कहा कि "वो अंतरिम आदेश में यह फैसला दे सकती है कि विवादित प्रॉपर्टी के मामले में कलेक्टर जांच जारी रख सकते हैं, लेकिन कोई अंतिम फैसला नहीं लिया जाएगा. इसके साथ ही वो अंतरिम आदेश में ये कह सकता है कि पदेन सदस्यों (Ex Offico Member) को छोड़कर काउंसिल और बोर्ड के सभी सदस्य मुस्लिम होंगे."
वक्फ कानून से जुड़ी याचिकाओं पर सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट आज इस मामले में अंतरिम आदेश पास करने ही वाला था, लेकिन सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता और दूसरे वकीलों के अनुरोध पर कोर्ट ने ऐसा नहीं किया और सुनवाई कल के लिए टाल दी है. अब कोर्ट इस मामले में कल यानी गुरुवार फिर से सुनवाई करेगा.
सीजेआई की अगुवाई वाली तीन जजों की खंडपीठ ने केंद्र सरकार से कई अमह सवाल भी पूछे. पीठ ने सुनवाई के दौरान नए कानून के कुछ प्रावधानों को लेकर सवाल भी किए. कोर्ट ने केंद्र की तरफ से पेश हुए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता से पूछा कि "क्या इस कानून के जरिए Waqf by User प्रॉपर्टी को वक्फ मानना पूरी तरह बंद कर दिया गया है."
कोर्ट ने सरकार से पूछा कि "अंग्रेजों के आने से पहले हमारे पास रजिस्ट्रेशन को लेकर कोई कानून नहीं था. ज्यादातर मस्जिदें 14वीं या 15वीं सदी की हैं. जामा मस्जिद जैसी ज्यादातर मस्जिदें Waqf by यूजर है. ऐसे में अब उनसे रजिस्ट्रेशन डीड पेश करने की मांग करना कितना व्यवहारिक है."
वक्फ अमेंडमेंट एक्ट से जुड़े कानूनों को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से सवाल पूछा कि "क्या यह कहना सही होगा कि अगर किसी विवादित वक्फ प्रॉपर्टी का सरकारी जमीन पर होने या न होने की कोई सरकारी अधिकारी जांच कर रहा है, तो जांच के जारी रहने के दौरान उस संपत्ति को वक्फ का न माना जाए, यह बात सिविल कोर्ट के लिए क्यों नहीं छोड़ देनी चाहिए."
केंद्र सरकार के जरिये पारित कानून पर दो टूक टिप्पणी करते हुए देश की सर्वेच्च न्यायिक संस्था ने कहा कि आप ये नहीं कह सकते हैं कि Waqf by User के सारे मामलों में गड़बड़ी ही होती है. आज की तारीख में पुरानी प्रॉपर्टी का रजिस्ट्रेशन कैसे होगा. मैंने प्रिवी काउंसिल के फैसले भी देखे हैं. Waqf by User को मान्यता दी गई है. अगर आप इसे पलटते है तो इससे समस्या होगी.
चीफ जस्टि ऑफ इंडिया संजीव खन्ना, जस्टिस संजय कुमार और जस्टिस के वी विश्वनाथन की बेंच ने केंद्र सरकार से पूछा कि "क्या आप यह सुनिश्चित करेंगे कि संशोधन के बाद सेंट्रल वक्फ काउंसिल और बोर्ड में ज्यादातर मेंबर मुस्लिम होंगे." कोर्ट ने कहा, "आपने इस नए कानून के मुताबिक वक्फ काउंसिल और बोर्ड में गैर- मुस्लिमों की एंट्री की इजाजत दी है, क्या आप हिंदू धर्मार्थ बोर्ड में मुस्लिम सदस्यों की नियुक्ति की इजाजत देने वाले हैं? तिरुपति टेंपल बोर्ड में सिर्फ हिंदू ही हैं."