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Delhi Riots Case: दिल्ली दंगा 2020 से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिलने के बाद निचली अदालत ने चार आरोपियों- गुलफिशा फातिमा, मीरान हैदर, शिफा उर रहमान और मोहम्मद सलीम खान की रिहाई के आदेश जारी कर दिए हैं. इससे पहले सोमवार को इस मामले में अपील करने वाले पांच आरोपियों- गुलफिशा फातिमा, मीरान हैदर, शिफा उर रहमान, मोहम्मद सलीम खान और शादाब अहमद को टॉप कोर्ट ने कुछ शर्तों के साथ जमानत दी थी.
हालांकि, अदालत ने कथित मुख्य आरोपियों उमर खालिद और शरजील इमाम की जमानत याचिकाओं को खारिज कर दिया था. गौरतलब है कि सभी आरोपियों की जमानत याचिकाओं पर सुनवाई पूरी होने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने 10 दिसंबर 2025 को अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था. इसके साथ ही अदालत ने दोनों पक्षों को निर्देश दिया था कि वे 18 दिसंबर तक अपनी दलीलों के समर्थन में संबंधित सभी दस्तावेज अदालत के सामने दाखिल करें.
उत्तर-पूर्वी दिल्ली में फरवरी 2020 के दौरान उस समय हिंसा भड़क उठी थी, जब नागरिकता संशोधन कानून (CAA) और राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC) के खिलाफ देशभर में विरोध प्रदर्शन हो रहे थे. इस दौरान हिंसा और आगजनी की घटनाओं में 53 लोगों की जान चली गई थी.
इन प्रदर्शनों के दौरान केंद्र सरकार के एनआरसी और सीएए से जुड़े फैसलों के खिलाफ लोगों ने आक्रोश जताया था. वहीं, दिल्ली पुलिस ने इन घटनाओं को लेकर प्रदर्शनकारियों पर कई गंभीर आरोप लगाए थे.
दिल्ली पुलिस ने अदालत में बताया था कि उमर खालिद, शरजील इमाम, गुलफिशा फातिमा, मीरान हैदर और शिफा उर रहमान के खिलाफ गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम यानी यूएपीए और भारतीय दंड संहिता के प्रावधानों के तहत गंभीर मामले दर्ज किए गए हैं.
पुलिस के मुताबिक, ये सभी फरवरी 2020 में हुई हिंसा के कथित मुख्य साजिशकर्ता थे, जिसमें 53 लोगों की मौत हुई और 700 से अधिक लोग घायल हुए थे. पुलिस ने यह भी दावा किया कि यह हिंसा भले ही सीएए और एनआरसी के खिलाफ चल रहे प्रदर्शनों के दौरान हुई हो, लेकिन इसका उद्देश्य केवल विरोध दर्ज कराना नहीं, बल्कि व्यापक स्तर पर अस्थिरता पैदा करना था.