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Delhi Riots: दिल्ली दंगा मामले में कोर्ट ने दुकान का सामान जलाने के जुर्म में छह आरोपियों को तीन-तीन साल कैद की सजा सुनाई है. कड़कड़डूमा कोर्ट ने हर एक शख्स पर 61 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है. अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश हज परवीन कुमार ने चश्मदीद हेड कांस्टेबल की गवाही और दूसरे सबूतों के आधार पर पर ये फैसला सुनाया है.
कोर्ट ने सादतपुर एक्सटेंशन निवासी हरिओम गुप्ता, बसंत कुमार मिश्रा, रोहित गौतम, भीम सेन, दयालपुर निवासी गोरख नाथ और कपिल पांडे को दोषी करार दिया है. यह मामला खजूरी खास थाना इलाके के सादतपुर एक्सटेंशन की गली नंबर एक का है, जहां 25 फरवरी 2020 को दंगाइयों ने जमकर उत्पात मचाया था.
यहां फर्नीचर की दुकान चलाने वाले मोहम्मद वकील ने आरोप लगाया था कि दंगाइयों ने उनकी दुकान और उसका सामान जला दिया था. शिकायत के आधार पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज की थी, जिसमें छह लोगों को आरोपी बनाया गया था.
सुनवाई के दौरान कोर्ट ने पाया कि दुकान नहीं जलाई गई थी, बल्कि दुकान का सामान बाहर निकालकर आग लगा दी गई थी, अदालत ने 29 सितंबर को छह आरोपियों को दोषी पाया और अब उन्हें सज़ा सुनाई है.
फरवरी 2020 में उत्तर-पूर्वी दिल्ली में दंगे हुए थे. यह हिंसा 23 से 26 फरवरी 2020 के बीच हुई थी, जिसमें 53 लोगों की मौत हुई और 200 से अधिक लोग घायल हुए थे. हिंसा की शुरुआत नागरिकता संशोधन कानून (CAA) और राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC) को लेकर हुए विरोध और समर्थन के बीच झड़पों से हुई.
सबसे प्रभावित इलाकों में जाफराबाद, मौजपुर, चांद बाग, करावल नगर और भजनपुरा शामिल थे. दिल्ली पुलिस की चार्जशीट के अनुसार, हिंसा में हथियारों, पत्थरबाज़ी, और आगजनी की कई घटनाएं दर्ज हुईं, जिनमें घर, दुकानें और धार्मिक स्थल भी जलाए गएृ. जांच के दौरान 700 से अधिक एफआईआर दर्ज की गईं और 1,800 से अधिक लोगों को पूछताछ या गिरफ्तारी के दायरे में लाया गया.