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Aligarh Muslim University: अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में टीचर्स धरने पर बैठे थे. कॉन्ट्रैक्ट टीचर्स के जरिए किए जा रहे इस प्रोटेस्ट में प्रशासन से कई बड़ी मांगे की गईं, जिनमें एक जैसी सैलरी और भत्ते का देना शामिल है. प्रोटेस्ट के दौरान टीचर्स रजिस्ट्रार से भी खासा खफा नजर आए.
एएमयू शिक्षक संघ के बैनर तले हुए इस प्रोटेस्ट में रजिस्ट्रार गो बैक के नारे लगे. 8 सितंबर को टीचिंग स्टाफ क्लब पर हुए इस प्रोटेस्ट के दौरान डॉ. अशरफ मतीन ने कहा कि एक्सट्रा ड्यूटी एलाउंस को रोका जा रहा है और इसकी कोई वजह भी नहीं बताई गई है. इसके साथ ही प्रैक्टिकल एग्जाम, पीएचडी का वाइवा के लिए बाहरी एग्जामिनर के पेमेंट में देरी हो रही है.
इसके साथ ही सीनियर प्रोफेसर के पेमेंट स्केल को सही तरह से इंप्लीमेंट नहीं किया गया है. जिसकी वजह से उनके करियर पर भारी असर पड़ रहा है. डॉ. अशरफ मतीन ने कहा कि टीचर्स के प्रतिनिधियों का चुनाव सालों से नहीं किया गया है. जिसकी वजह से उनकी बातों को रखने वाले नेतृत्व की भारी कमी है. उन्होंने आगे इल्जाम लगाया कि नॉन टीचिंग स्टाफ एसोसिएशन का भी चुनाव नहीं कराया गया है
धरने में शामिल संघ के चीफ प्रोफेस तुफैल अहमद ने कहा कि वह इस प्रोटेस्ट में शामिल नहीं हुए थे. उन्होंने इस दौरान कहा था कि वह रजिस्ट्रार गो बैक के नारे का समर्थन नहीं करते हैं और वह इससे संतुष्ट नहीं हैं. एक शख्स के लिए ऐसा नहीं होना चाहिए.
बता दें, हाल ही में स्टूडेंट्स का भी प्रोटेस्ट हुआ था. जिसमें बढ़ी फीस को कम करने की मांग की गई थी और साथ ही छात्रसंघ के चुनाव कराने की भी मांग उठी थी. यूनिवर्सिटी ने इस मामले में एक्शन लेने की बात कही थी और छात्रों को आश्वासन दिया था. हालांकि, चुनाव की मांग पूरी न होने के बाद स्टूडेंट्स ने हाल ही में फिर प्रोटेस्ट किया था.