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Dhar News Today: मध्य प्रदेश के धार जिले में बीते दिनों एक शख्स को पुलिस ने नाबालिग आदिवासी लड़की से गिरफ्तार करने के आरोप में गिरफ्तार किया था. गिरफ्तारी के बावजूद हिंदूवादी संगठनों ने अल्पसंख्यक समुदाय के आरोपी के परिवार वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए जमकर हंगामा किया था. जिसके बाद प्रशासन ने आरोपी के मकान को अवैध बताते हुए ढहा दिया.
यह पूरा मामला धार जिले के सागौर थाना क्षेत्र की दिगठान चौकी अंतर्गत बिलौद बिलौद गांव का है. जहां नाबालिग आदिवासी लड़की से रेप का मामला तूल पकड़ता जा रहा है. हिंदूवादी संगठनों और ग्रामीणों के दबाव के बाद प्रशासन ने सख्त कार्रवाई करते हुए अमजद नाम के आरोपी के घर को ढहा दिया गया. यह कार्रवाई प्रशासन ने ग्राम पंचायत के नोटिस के आधार पर की, जिसमें आरोपी के घर को अवैध बताया गया था.
मामले की शुरुआत तब हुई जब ग्राम बिलौद निवासी आरोपी अमजद ने एक नाबालिग आदिवासी किशोरी के साथ रेप किया. इस घटना के बाद किशोरी गर्भवती हो गई और उसने एक निजी अस्पताल में मृत बच्चे को जन्म दिया. घटना के बाद इलाके में आक्रोश फैल गया. पुलिस ने आरोपी अमजद को गिरफ्तार कर लिया था, लेकिन ग्रामीण प्रशासन से कठोर कार्रवाई की मांग पर अड़े हुए थे.
ग्रामीणों का कहना था कि इस मामले में आरोपी के साथ कुछ अन्य लोग भी शामिल हैं. उन्होंने चेतावनी दी थी कि अगर प्रशासन ने जल्द कार्रवाई नहीं की, तो वे 30 अक्टूबर को फोरलेन पर चक्काजाम करेंगे. विरोध के बाद प्रशासन हरकत में आया और ग्राम पंचायत द्वारा जारी नोटिस के आधार पर आरोपी अमजद के अवैध मकान को जेसीबी मशीन से ढहा दिया गया.
कार्रवाई के दौरान दिगठान और सागौर थाना पुलिस बल, नायब तहसीलदार अनीता बरेठा और अन्य प्रशासनिक अधिकारी मौके पर मौजूद रहे. पुलिस बल की मौजूदगी में पूरी कार्रवाई शांतिपूर्वक तरीके से की गई. ग्रामीण निर्भयसिंह पटेल ने बताया कि उन्होंने कई बार प्रशासन से आरोपी के अवैध निर्माण को गिराने और सख्त कार्रवाई करने की मांग की थी. जिसके बाद प्रशासन ने दबाव में आकर आरोपी के घर गिरा दिया.
नायब तहसीलदार अनीता बरेठा ने कहा कि ग्राम पंचायत के नोटिस पर नियमानुसार कार्रवाई की गई है. आरोपी का मकान अवैध रूप से बना हुआ था, इसलिए इसे ध्वस्त किया गया. उन्होंने बताया कि कार्रवाई के दौरान स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में रही और किसी तरह का विरोध नहीं हुआ.
फिलहाल आरोपी अमजद जेल में है और मामले की जांच सागौर थाना पुलिस कर रही है. प्रशासन ने साफ कर दिया है कि ऐसे जघन्य अपराधों में किसी भी तरह की नरमी नहीं बरती जाएगी. वहीं ग्रामीणों की अब यह मांग है कि यह केस फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलाया जाए ताकि पीड़िता को जल्द से जल्द इंसाफ मिल सके.