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Siddharthnagar News Today: उत्तर प्रदेश का सिद्धार्थनगर जिले का शुमार शांत और सांप्रदायिक सौहार्द से ओतप्रोत जगह के रुप में होता है. हालांकि, अब हिंदूवादी संगठनों ने यहां भी धार्मिक तनाव बढ़ा रहे हैं, इससे सामाजि सौहार्द बिगड़ रहा है. बीते दिनों डुमरियागंज के पूर्व विधायक राघवेंद्र प्रताप सिंह ने मुस्लिम समुदाय की औरतों को लेकर विवादित बयान दिया था. वहीं, अब हिंदूवादी संगठनों ने एक मजार को समाधि स्थल होने का दावा करते हुए हंगामा शुरू कर दिया है.
पूरा मामला जिले के डुमरियागंज तहसील के हिसामुद्दीनपुर गांव के तकीयवा टोले का है. यहां एक मजार को लेकर हिंदूवादी संगठनों और मुस्लिम समुदाय के बीच तनाव की स्थिति बन गई है. विवाद तब शुरू हुआ जब स्थानीय हिंदूवादी संगठन के लोगों ने यह दावा किया कि जिस स्थान पर वर्तमान में मजार बनी हुई है, वह कथित तौर पर बाबा राम अवतार दास की समाधि स्थल थी.
सोमवार को बढ़नी चाफा नगर पंचायत के अध्यक्ष धर्मराज वर्मा की अगुवाई में बड़ी संख्या में हिंदूवादी संगठन से जुड़े लोग इकट्ठा होकर मजार वाली जगह पर पहुंच गए और विवादित नारेबाजी करने लगे. उनका आरोप है कि करीब दो दशक पहले यह जगह बाबा राम अवतार दास की समाधि थी. इतना ही नहीं हिंदू संगठन के लोगों ने दावा किया कि उस समय के पूर्व बीएसपा विधायक तौफीक अहमद ने कथित रूप से यहां बलपूर्वक मजार बनवा दिया था. इसके बाद से हर गुरुवार मुस्लिम समुदाय के लोग यहां आकर जियारत करते रहे हैं.
बीजेपी नेता धर्मराज वर्मा के विवादित बयान से इलाके में तनाव फैल गया. धर्मराज वर्मा ने ऐलान किया कि आने वाले गुरुवार को इस जगह पर पूर्व बीजेपी विधायक राघवेंद्र प्रताप सिंह की अगुवाई में विशाल भंडारे और हनुमान चालीसा पाठ का आयोजन किया जाएगा. उन्होंने यह भी कहा कि बाबा राम अवतार दास की समाधि स्थल को मुस्लिम समुदाय से मुक्त कराया जाएगा.
र्मराज वर्मा की धमकी और विवादित ऐलान के बाद इलाके में तनाव और ज्यादा बढ़ गया है. अल्पसंख्यक समुदाय के लोग सकते में आ गए. हिंदूवादी संगठनों के जुटान और बयानों को देखते हुए प्रशासन अलर्ट मोड पर आ गया है. मौके पर भारी पुलिस बल की तैनाती की गई है ताकि किसी भी तरह की अप्रिय घटना न होने पाए.
स्थानीय लोग इस विवाद को लेकर दहशत में हैं. ग्रामीणों के मुताबिक, सालों से यहां बिना किसी तनाव के धार्मिक गतिविधियां चलती रहीं, लेकिन अब दोनों समुदायों में अविश्वास की स्थिति बनती दिखाई दे रही है. यह मजार सिर्फ मुसलमानों के लिए श्रद्धा का केंद्र नहीं है बल्कि हर गुरुवार को बड़ी संख्या में बहुसंख्यक समुदाय के लोग भी अपनी मन्नतें लेकर जियारत करने पहुंचते हैं.