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ECI on Voting: भारतीय चुनाव आयोग ने ऐलान किया है कि जिन मतदाताओं के पास मतदान के दिन पहचान पत्र नहीं होगा, वे अपनी पहचान साबित करने के लिए 12 ऑप्शन डॉक्यूमेंट्स का इस्तेमाल कर सकते हैं. आयोग ने 7 अक्टूबर 2025 को एक नोटिफिकेशन जारी कर कहा कि मतदान दिवस पर सुविधा के लिए ये दस्तावेज़ मान्य होंगे.
1. आधार कार्ड
2. मनरेगा जॉब कार्ड
3. बैंक या डाकघर के जरिए जारी फोटो लगी हुई पासबुक
4. श्रम मंत्रालय या आयुष्मान भारत योजना के तहत जारी हेल्थ इंश्योरेंस स्मार्ट कार्ड
5. ड्राइविंग लाइसेंस
6. पैन कार्ड
7. राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (NPR) के तहत जारी स्मार्ट कार्ड
8. भारतीय पासपोर्ट
9. फोटोयुक्त पेंशन दस्तावेज़
10. केंद्र/राज्य सरकार, सार्वजनिक उपक्रम या पब्लिक लिमिटेड कंपनियों द्वारा जारी सेवा पहचान पत्र
11. सांसदों, विधायकों या विधान परिषद सदस्यों के आधिकारिक पहचान पत्र
12. सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय द्वारा जारी यूनिक डिसएबिलिटी आईडी (UDID) कार्ड
चुनाव आयोग ने अपने बयान में कहा कि उसे जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 और मतदाताओं के पंजीकरण नियम, 1960 के तहत मतदाताओं को पहचान पत्र जारी करने का अधिकार है ताकि मतदान केंद्रों पर पहचान सुनिश्चित की जा सके और फर्जी मतदान रोका जा सके.
आयोग के मुताबिक, बिहार और आठ विधानसभा क्षेत्रों में जहां उपचुनाव होने वाले हैं, लगभग 100% मतदाताओं को EPIC जारी किया जा चुका है. साथ ही सभी मुख्य निर्वाचन अधिकारियों (CEOs) को निर्देश दिया गया है कि नए मतदाताओं को अंतिम मतदाता लिस्ट प्रकाशित होने के 15 दिनों के भीतर उनका पहचान पत्र मुहैया कराया जाए.
चुनाव आयोग ने यह भी साफ किया कि मतदान करने के लिए मतदाता का नाम वोटर लिस्ट में नाम शामिल होना चाहिए. महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए, खासकर बुर्का या पर्दा पहनने वाली महिलाओं के लिए, खास इंतेजाम करने के निर्देश दिए हैं. यानी पोलिंग बूथ पर बु्र्का या पर्दा करने वाली महिलाओं की पहचान के लिए किसी को रखा जाएगा. ताकि उन्हें किसी तरह की समस्या न हो.