)
Hazratbal Dargah News Today: श्रीनगर से बड़ी खबर सामने आई है. शुक्रवार (5 सितंबर) को हजरतबल दरगाह में ईद-ए-मिलादुन्नबी के मौके पर उस समय अफरातफरी मच गई, जब दरगाह की तीन दिन पहले हुई मरम्मत और नवीनीकरण के बाद लगाई गई संगमरमर की पट्टिका को लेकर बवाल खड़ा हो गया. इस घटना की वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है.
स्थानीय लोगों का आरोप था कि पट्टिका पर अशोक स्तंभ की आकृति लगाई गई है, जिसे उन्होंने 'मूर्ति' बताकर विरोध जताया. गुस्साए लोगों ने पट्टिका पर बने अशोक चिन्ह को तोड़ दिया. विरोध करने वाले लोगों ने कहा कि मस्जिद के अंदर किसी तरह की मूर्ति नहीं लगाई जा सकती है.
Hazratbal Dargah Srinagar: Eid-Milad-Un-Nabi पर दरगाह में हंगामा! मरम्मत के बाद लगाई गई संगमरमर पट्टिका पर Ashoka Pillar emblem को ‘मूर्ति’ बताकर विरोध। नाराज़ भीड़ ने पट्टिका तोड़ी. वीडियो वायरल | Waqf Board चेयरपर्सन ने हाल ही में किया था उद्घाटन.#Hazratbal #DargahControversy pic.twitter.com/soxfZSY4zB
— Raihan Shahid (@RaihanShahid3) September 5, 2025
प्रदर्शन में शामिल अकीदतमंदों पट्टिका पर 'अशोक चिन्ह' देखकर डरे हुए हैं. प्रदर्शन में शामिल हजरतबल दरगाह के एक अकीदमंद के मुताबिक, "इस पट्टिका के विरोध की दो वजहें हैं, पहला यह है कि इस्लाम में मूर्ति पूजा हराम है. पट्टिका में जो तस्वीर है उस पर शेर की फोटो है, यही वजह है कि मस्जिद में शेर की तस्वीर देखकर लोग भड़क गए."
उन्होंने आगे बताया कि इस विरोध की दूसरी वजह यह है कि मुसलमानों को इस बात का डर है कि यूपी और दूसरे प्रदेशों में जिस तरह तस्वीरों के आधार मंदिर होने का दावा किया गया है. ख्वाजा गरीब नवाज की दरगाह इसका एक जीता जागता सुबूत है, उसी तरह आगे चलकर हिंदू संगठन हजरतबल की दरगाह को मंदिर होने का दावा न करने लगें.
बता दें, बीते दो दिन पहले ही वक्फ बोर्ड की चेयरपर्सन डॉ. दरख्शां अंद्राबी ने इस नवीनीकरण कार्य का उद्घाटन किया था, जिसमें संगमरमर पट्टी की अशोक चिन्ह की खुदी तस्वीर दिख रही थी.
हजरतबल दरगाह में आज हुई घटना पर वक्फ बोर्ड की चेयरपर्सन डॉ. दरख्शां अंद्राबी ने सफाई दी है. दरगाह में राष्ट्रीय प्रतीक (अशोक चिन्ह) वाली पट्टिका को तोड़ने की घटना को उन्होंने दुर्भाग्यपूर्ण बताया और कहा कि इसकी जांच की जा रही है. डॉ. अंद्राबी ने कहा कि वक्फ बोर्ड का धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने का कोई इरादा नहीं था, लेकिन इस मामले को गलत तरीके से समझा गया है.
डॉ. अंद्राबी ने यह भी कहा कि जिन्होंने यह काम किया है उनकी पहचान की जाएगी और उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. वहीं, प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने और दरगाह की पवित्रता को आंच पहुंचाने वाले किसी भी कदम से बचने की अपील की है.
हजरतबल दरगाह में राष्ट्रीय प्रतीक वाली पट्टिका तोड़े जाने के मामले को लेकर सियासी पारा भी बढ़ रहा है. हजरतबल के विधायक सलमान सागर ने कहा कि "कुछ नेता इस मामले पर सियासत कर रहे हैं." उन्होंने साफ किया कि धार्मिक स्थलों में राष्ट्रीय प्रतीक या ऐसे किसी प्रतीक को नहीं लगाना चाहिए. धार्मिक स्थान सियासत और विवाद से दूर रहने चाहिए.