Eid-Ul-Adha: बकरीद करीब है और इससे पहले जमीयत उलेमा-ए-हिंद ने मुजफ्फरनगर के अंबा विहार इलाके में अहम मीटिंग की है. इस मीटिंग से 5 अहम बातें सामने निकलकर आई हैं.
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Eid-Ul-Adha से पहले जमीयत उलमा-ए-हिंद ने एक मीटिंग की है. इस मीटिंग का मकसद लोगों को कुर्बानी के लिए बेदार करना था. ये बैठक मुजफ्फरनगर के मदरसा चिरागिया में की गई, जिसमें उमेला समेत पदाधिकारियों ने शिरकत की. बैठक में संगठन की मजबूती, ईद-उल-अजहा की तैयारियां और सामाजिक सौहार्द बनाए रखने पर बात हुई.
मीटिंग के दौरान संगठन के ज़िला अध्यक्ष मौलाना मुकर्रम अली कासमी ने प्रतिबंधित जानवरों की कुर्बानी न करने और धार्मिक मर्यादाओं का ध्यान रखने की अपील की. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि कुर्बानी को पर्दे में करना जरूरी है. मौलाना मुकर्रम ने लोगों से गुजारिश की वह कुर्बानी के वीडियो सोशल मीडिया पर साझा न करें. त्योहार को आपसी भाईचारे के साथ मनाया जाए और किसी भी तरह की धार्मिक भावनाओं का उल्लंघन न हो.
मौलाना मुकर्रम ने बताया कि हमारा त्योहार सिर पर है. इसलिए ये मीटिंग बुलाई गई है. इस मीटिंग में कई मौज़ू (टॉपिक्स) पर बात हुई. चंद दिनों पहले जो मुल्क में हालात पैदा हुए थे, उसके बारे में भी मीटिंग में बातचीत की गई. हमने यह तय किया है कि जो प्रतिबंधित जानवर है, उसकी कुर्बानी नहीं की जाए. जो कि पहले भी नहीं जाती थी. जिससे हमारे भाइयों को परेशानी होती है, उस जानवर की कुर्बानी न हो.
इसके साथ ही उन्होंने कहा कि साफ सफाई का खास ख्याल रखा जाए. कुर्बानी खुले में न हो और जो गोश्त तकसीम के लिए एक जगह से दूसरी जगह जाता है उसे बंद बर्तन में लेकर जाया जाए. जिससे हमारे हिंदू भाइयों को कोई परेशानी न हो. इस मैसेज को हम मस्जिदों में जाकर फैलाएंगे.
- बंद जगह पर जानवर की कुर्बानी की जाए
- गोश्त को तक्सीम करने के दौरान बंद बर्तन का इस्तमाल किया जाए या उसे ढका जाए.
- प्रतिबंधित जानवरों की कुर्बानी न की जाए.
- कुर्बानी का वीडियो न बनाया जाए और उसकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर न डाली जाए.
- जानवर ले जा रहे लोगों को पुलिसकर्मी परेशान न करें.
उन्होंने आगे कहा कि काफी लोग पीठ से जानवर अपने घर लेकर जाते हैं, और रास्ते में कई पुलिसकर्मी उन्हें परेशान करते हैं. ऐसे लोगों से अपील है कि वह ऐसा न करें, उन्हें आराम से घर जाने दें. उन्होंने बताया कि इस मीटिंग में हिंदुस्तान की खुशहाली के लिए दुआ की गई है. हम चाहते हैं कि हिंदुस्तान तरक्की करे और खूब आगे बढ़े. मौलाना मुकर्रम ने कहा कि अब हम तहसील के मुताबिक इस मीटिंग को करने वाले हैं और हम इस मैसेज को लोगों के बीच आम करने का काम करेंगे.