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Uttar Pradesh News Today: उत्तर प्रदेश समेत देश के ज्यादातर हिस्सों में वेडिंग सीजन चल रहा है. शादियों में आजकल कई अजीब तरह के किस्से सामने आ रही है, जिससे शादियां टूट जाती हैं या टूटने के कगार पर पहुंच जाती है. इसी तरह का मामला यूपी एटा जिले से सामने आया है, जहां एक छोटी सी बात को लेकर दूल्हा और दुल्हन पक्ष में कहासुनी हो गई है जिससे बरात बगैर दुल्हन के बेरंग होकर लौटना पड़ा.
दरअसल, एटा जनपद के थाना राजा का रामपुर क्षेत्र के लुहारी गवी गांव में एक लड़की की शादी थी. शनिवार को दोपहर में कासगंज जिले के भिटौना से धूमधाम से बारात पहुंची. दुल्हन पक्ष पूरी रीति रिवाज के साथ बारात का स्वागत कर हर संभव आवभगत की. खाने के बाद निकाह की रस्म अदा की गई.
इसी दौरान जूता चुराई रस्म को लेकर जीजा- साली में विवाद शुरू हो गया. मामूली सी बात शुरू हुआ यह विवाद इतना बढ़ गया कि पूरी रात दोनों पक्षों में पंचायत चलती रही. बात न बनता देख आधी रात को ग्रामीणों ने पुलिस को बुला लिया. हालांकि पुलिस भी दूल्हा और दुल्हन पक्ष में मध्यस्थता नहीं करा पाई है. आखिर में निराश होकर रविवार (11 मई) की देर शाम बारात बगैर दुल्हन के वापस लौट गई.
दुल्हन के पिता लाल मोहम्मद ने बताया कि उन्होंने शादी की सभी रस्मों को पूरी रीति रिवाज के साथ अदा किया है. निकाह के बाद सलामी के दौरान दुल्हे को गिफ्ट देते हैं और जूता चुराई की रस्म की होती है. रस्म के हिसाब से मेरी छोटी लड़की ने जूता चुराये और दूल्हे तालिब से जूता चुराई के रुपये मांगे.
लाल मोहम्मद ने आरोप लगाया कि दूल्हे ने जूता चुराई रस्म में बेटी को दो सौ रुपये दिए. इस पर मेरी बेटी ने एक हजार रुपये मांगो तो दूल्हे के पिता शाकिब खान ने लड़की का हाथ पकड़ कर कहा कि जूता इसके पैरौं में पहनाओं तभी तुम्हें रुपये मिलेंगे. दुल्हन के पिता के मुताबिक, इसी बीच दुल्हे के मां ने कमेंट किया कि लड़की को हम कार की डिक्की में बंद करके यहां से ले जाएंगे.
दुल्हन के पिता लाल मोहम्मद ने आगे बताया कि दुल्हे की बहन ने कहा कि लड़की को घर ले जाकर काटेंगे. इसकी वजह हमलोग डर गए और हमने दुल्हन को विद नहीं किया. लाला मोहम्मद ने दावा किया कि हमने बारातियों की बहुत खातिरदारी की और दो लाख रुपये का सामान दहेज में दिया है.
लाल मोहम्मद ने बताया कि इस बीच लड़की वालों ने दो गाड़ियों में पुलिस को बुला लिया और दबाव बनाने लगे, लेकिन जब हमने अपनी बात रखी तो पुलिस वाले वापस चले गए. इसको लेकर पंचायत भी हुई लेकिन कोई बात नहीं बनी.
दूल्हे तालिब के पिता शाकिब खान ने बताया कि रस्मों को लेकर आपस में कहा सुनी हो गई थी. शाकिब खान के मुताबिक, जूता चुराई की रस्म पर मुझसे गलती हो गई जिसमें मैंने लड़की को कह दिया कि जूता दुल्हे के पैर में डाल दो. इस गलती के लिए हमने दुल्हन पक्ष के सामने हाथ पैर भी जोड़ लिए और माफी भी मांग ली, लेकिन उन्होंने जिद पकड़ ली कि अब हम विदा नहीं करेंगे.
दुल्हन ने कहा कि मेरे पिता ने दूल्हे के पिता को 8 बकरे दिये थे, लेकिन उन्होंने कहा कि पहले हमें 4 पहिया की गाड़ी दो. इसके बाद कहा कि हमने 3 लाख रुपये का सामान दिया है और वो वापस करो.दुल्हने ने कहा कि दूल्हा पक्ष की तरफ से बाद में कहा गया कि हमें डिक्की में डालकर ले जायेंगे और मार डालेंगे. अब वो हमारा सामान दे दें और मैं नहीं जाना चाहती हूं.